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शिकायत के बाद भी दुकानदार पर नहीं हो रही कार्रवाई, किसान से ज्यादा विक्रेता पर भरोसा

कार्रवाई न होने से किसानों के साथ हो रही लूट, न दुकानों पर टांगी जाती रेट लिस्ट, न बताया जाता है स्टॉक

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Even after complaint, no action is being taken against the shopkeeper, more trust in the seller than in the farmer

फाइल फोटो

बीना. खाद, बीज, कीटनाशक दवाओं में कुछ दुकानदार किसानों को ठग रहे हैं। बिना बिल के ज्यादा दामों पर खाद, बीज, दवाएं बेची जा रही हैं। विवादों से बचने किसान इसकी शिकायत नहीं करते हैं और जो किसान शिकायत कर रहे हैं उनकी सुनवाई नहीं होती है।
सोमवार को किसान नेता सीताराम ठाकुर ने शिकायत की थी कि उन्हें 350 रुपए में यूरिया मिला है और उनकी शिकायत के डेढ़ घंटे बाद कृषि विभाग के अधिकारी पंचनामा बनाने पहुंचे थे। पंचनामा कार्रवाई के तीन दिन बाद भी आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे किसानों का भरोसा उठता जा रहा है और दुकानदार व अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं। शिकायतकर्ता किसान नेता का कहना है कि कार्रवाई न होने से किसान ज्यादा दाम देने के बाद भी शिकायत नहीं करते हैं, क्योंकि उन्हें ही परेशान होना पड़ता है। अधिकारी शिकायत आने पर कार्रवाई करने की बात करते हैं, लेकिन जब शिकायत होती है, तो कार्रवाई करने से बचने लगते हैं। अधिकारियों को किसान की बात झूठी लगती है और दुकानदार के बयानों पर भरोसा रहता है। यदि दुकानदार पर कार्रवाई नहीं हुई, तो कलेक्टर से लेकर सीएम तक इस मामले की शिकायत की जाएगी।

नहीं होती दुकानों की जांच
खाद, बीज विक्रेता के यहां कृषि विभाग के अधिकारी जांच नहीं करते हैं। जबकि दुकानों पर नियमानुसार दाम और स्टॉक की सूची बाहर टांगनी चाहिए और हर खरीदार को बिल देना चाहिए, लेकिन ऐसा होता नहीं है। अभी लगभग हर दुकानदार यूरिया महंगे दामों पर बेच रहे हैं और मजबूरी में किसान खरीदी कर रहे हैं। 267.50 रुपए की बोरी 350 रुपए में दी जा रही हैं।

शिकायत आने पर करते हैं कार्रवाई
जब भी किसान शिकायत करते हैं, उसपर कार्रवाई की जाती है। पूर्व में दुकान सील करने और एफआइआर कराने की कार्रवाई भी की है। इस मामले में भी दुकान का लायसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की जा रही है।
डीएस तोमर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, बीना