
फाइल फोटो
बीना. प्रदेश की बी-ग्रेड मंडियों में इ-मंडी योजना 1 जनवरी से शुरू होना और इसमें बीना व खुरई मंडी भी शामिल हैं। इसको लेकर कर्मचारियों और किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इस योजना के तहत प्रवेश पर्ची सहित अन्य सुविधाएं एप के माध्यम से ऑनलाइन हो जाएंगी।
किसानों की समस्याएं कर करने मंडियों को डिजीटल किया जा रहा है, इसके तहत किसानों को १ जनवरी से स्थानीय मंडी में भी लाभ मिलेगा। किसानों को मोबाइल में इ-मंडी एप डाउनलोड करना होगा और फिर वह प्रवेश पर्ची बना सकेंगे। एक बार पर्ची बनने के बाद किसानों को बार-बार अपना डाटा दर्ज करने की जरूरत नहीं होगी और इससे वह सीधे परिसर में पहुंचक उपज की नीलामी करा सकेंगे। नीलामी प्रक्रिया की जानकारी भी किसानों को मोबाइल पर उपलब्ध होगी, इससे किसानों को पता चल सकेगा कि उनकी उपज किस व्यापारी ने कितने दाम में खरीदी है। वर्तमान में यह जानकारी कागज की पर्ची के माध्यम से मिल पाती है। साथ ही इ-मंडी योजना से विक्रय की गई उपज का तत्काल ऑनलाइन रिकॉर्ड संधारण होगा। किसानों को उनके मोबाइल पर एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से जानकारी प्राप्त होंगी, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। किसानों को यह भी जानकारी मिल सकेगी कि उपज किस व्यापारी ने कितने दाम पर खरीदी है।
प्रशिक्षण देने और जागरूक करने की है जरूरत
ऑनलाइन प्रक्रिया को किसान समझ सकें इसके लिए लगातार प्रशिक्षण और जागरूक करने की जरूरत है। क्योंकि अभी भी सभी किसान एंड्रायॉड मोबाइल नहीं चलाते हैं। साथ ही नीलामी कराने वाले कर्मचारी, तुलावटियों को भी प्रशिक्षण की जरूरत होगी और शुरुआत में इसके संचालन में परेशानी आ सकती है।
Published on:
30 Dec 2024 12:12 pm
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