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गुणवत्ताहीन और बारिश में भीगा गेहूं हो एफसीआई में हो रहा रिजेक्ट, किसानों का अटक जाएगा भुगतान

7608 मीट्रिक टन गेहूं जमा होना है गोदाम में, 2000 मीट्रिक टन ही हो पाया जमा, खरीदी कर रही समितियों को साफ करना पड़ेगा गेहूं, फिर किया जाएगा जमा

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FCI rejects substandard and rain-soaked wheat, delaying farmers' payments

इस तरह बारिश में भीगा है गेहूं। फोटो-पत्रिका

बीना. समर्थन मूल्य खरीदी केन्द्रों पर गेहूं की तौल चल रही और नागरिक आपूर्ति निगम के सर्वेयर इसकी जांच कर रहे हैं। तौल के बाद गेहूं एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) की गोदाम में जमा करने भेजा जा रहा है, जहां गुणवत्ताहीन गेहूं को रिजेक्ट कर ट्रक वापस समितियों को लौटाए जा रहे हैं। ऐसे में किसानों का भुगतान अटक जाएगा।
जानकारी के अनुसार इस वर्ष एफसीआई की गोदाम में 7608 मीट्रिक टन गेहूं जमा होना है और अभी तक करीब 2000 मीट्रिक टन ही जमा हुआ है। समर्थन मूल्य खरीदी केन्द्रों से एफसीआई पहुंचने वाले गेहूं की कर्मचारी गुणवत्ता जांचते हैं और गुणवत्ता ठीक न होने से उसे रिजेक्ट कर उसे वापस कर दिया जाता है। जांच के दौरान बारधा, मालथौन, भानगढ़ समिति के गेहूं में मिट्टी की मात्रा ज्यादा होने पर रिजेक्ट किया है और गेहूं वापस समितियों को भेज दिया गया है। बुधवार को भी एक ट्रक गेहूं रिजेक्ट किया गया। गोदाम में गेहूं जमा न होने के कारण किसानों का भुगतान अटक जाएगा और उन्हें समितियों के चक्कर काटने होंगे। यदि तौल के समय ही सर्वेयरों द्वारा गुणवत्ता का ध्यान रखा जाता, तो यह स्थिति निर्मित नहीं होती।

भीगा हुआ गेहूं भी हो रहा रिजेक्ट
पिछले दिनों हुई बारिश से सभी केन्द्रों पर गेहूं भीगा है, जिससे चमक चली गई है और नमी के कारण गेहूं खराब हुआ है। यह गेहूं भी एफसीआई में रिजेक्ट किया जा रहा है। गेहूं रिजेक्ट होने से खरीदी कर रहे समिति प्रबंधकों की मुसीबत बढ़ गई है।

सर्वेयर कर रहे लापरवाही
गेहूं खरीदी केन्द्रों पर सर्वेयरों की लापरवाही भी सामने आ रही है। जांच के दौरान सैंपल फेल करने की जगह उनकी तौल करा दी जाती है और बाद में एफसीआई के अधिकारी गेहूं रिजेक्ट कर रहे हैंं।

साफ करना होगा गेहूं
रिजेक्ट किए गए गेहूं को समिति प्रबंधकों द्वारा साफ कराना होगा, तब वह गोदाम में जमा हो पाएगा। कई समितियों पर रिजेक्ट हुआ गेहूं बिना साफ किए ही नागरिक आपूर्ति निगम वेयरहाउस में जमा करा देते हैं और यह घटिया गेहूं राशन दुकानों के माध्यम से गरीबों को वितरित किया जाता है।

गुणवत्ताहीन गेहूं कर रहे हैं रिजेक्ट
समितियों से आने वाला गुणवत्ताहीन गेहूं रिजेक्ट किया जा रहा है। गोदाम में साफ और सूखा गेहूं ही जमा कराया जा रहा है। करीब 2000 मीट्रिक टन गेहूं अभी तक जमा हो चुका है।
सैय्यद इकवाल अहमद, प्रबंधक, एफसीआई