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गणेश उत्सव : कलाकार कर रहे मूर्तियों का श्रृंगार, बाजार में पगड़ी, सिंहासन और झूले पर विराजमान गणेश भगवान की मूर्तियों की मांग

शहर में गणेश उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। विघ्नहर्ता की स्थापना घर-घर की जाएगी। बाजार में गणेश मूर्ति खरीदने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। कटरा बाजार, तीनबत्ती, सिविल लाइन और मकरोनिया में गणेश प्रतिमाओं की दुकानें सज गई है, वहीं दूसरी ओर कलाकार मूर्ति को अंतिम स्वरूप देने में जुटे हैं।

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सागर

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Reshu Jain

Sep 04, 2024

ganesh utsav

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श्रीराम चौक में दक्षिण भारत के मंदिर में अयोध्या के रामलला के साथ विराजेंगे भगवान गणेश

सागर. शहर में गणेश उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। विघ्नहर्ता की स्थापना घर-घर की जाएगी। बाजार में गणेश मूर्ति खरीदने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। कटरा बाजार, तीनबत्ती, सिविल लाइन और मकरोनिया में गणेश प्रतिमाओं की दुकानें सज गई है, वहीं दूसरी ओर कलाकार मूर्ति को अंतिम स्वरूप देने में जुटे हैं। घरों में भी बच्चे मिट्टी के गणेश की प्रतिमा विराजित करने के लिए उत्साहित हैं। घरों में भी मिट्टी के गणेश की मूर्ति बनाए जा रही हैं। इस साल गणेश चतुर्थी 7 सितंबर शनिवार को है।

रवि और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग

चतुर्थी पर बप्पा की स्थापना रवि और सर्वार्थ सिद्धि योग में की जाएगी। गणेश चतुर्थी के दिन घर पर श्रद्धालु गणेशजी की मूर्ति की स्थापना करते हैं और उनका पूजन विधि विधान से करते हैं। इसके बाद गणेशजी का विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन करते हैं। शहर में विभिन्न चौक-चाराहों पर धूमधाम से गणेश भगवान की स्थापना की जाएगी। इसके लिए कलाकार विभिन्न स्वरूपों में गणेश प्रतिमाएं बना रहे हैं।

दक्षिण भारत के मंदिर में विराजमान होंगे बप्पा

बड़ा बाजार श्रीराम चौक में 11 फीट की गणेशजी सिंहासन पर विराजमान होंगे। साथ में अयोध्या के भगवान रामलला की प्रतिमा के भी दर्शन भक्तों को मिलेंगे। पंडाल का आकार दक्षिण भारत के एक मंदिर की प्रतिकृति जैसा होगा। कलाकारों द्वारा दक्षिण भारत के मंदिर की प्रतिकृति थर्माकोल सहित विभिन्न सामग्री से तैयार की जा रही है। इसके अलावा भगवान रामलला की 6 फीट ऊंची मिट्टी की प्रतिमा तैयार हो रही है। यह मुख्य प्रतिमा के साथ ही विशेष झांकी के रुप में स्थापित की जाएगी। वहीं विजय टॉकीज चौराहा स्थित भगवान शिवशंकर के मंदिर में इस बार करीब 8 फीट ऊंची गणेशजी की प्रतिमा की स्थापना की जाएगी।

इन योगों में ही होगी स्थापना

पंडित केशव महाराज ने बताया कि इस साल गणेश चतुर्थी पर सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, ब्रह्म योग और इन्द्र योग बनेगा।सर्वार्थ सिद्धि योग : 7 सितंबर को यह योग दोपहर 12. 34 बजे शुरू होगा और अगले दिन 8 सितंबर को सुबह 6.03 बजे तक रहेगा। रवि योग : गणेश चतुर्थी के दिन रवि योग सुबह 6.02 बजे से लेकर दोपहर 12.34 बजे तक है।ब्रह्म योग : चतुर्थी के अवसर पर ब्रह्म योग सूर्योदय 6.02 बजे से लेकर रात 11.17 बजे तक है। इंद्र योग : गणेश चतुर्थी की रात 11.17 बजे से अगले दिन तक है।