
General coaches will be removed from more than a dozen trains going from junction
बीना. ट्रेनों के टाइम, ठहराव व टर्मिनल स्टेशनों में बदलाव के साथ रेलवे ट्रेनों में लगने वाले कोच की संख्या व उनके प्रकार का नए सिरे से निर्धारण करने जा रहा है। इसी के तहत पश्चिम मध्य रेलवे जोन के भोपाल मंडल सहित तीनों रेल मंडल से जाने वाली कई ट्रेनों से जनरल कोच हटाए जाएंगे तो कुछ ट्रेनों में जनरल कोच कम किए जा सकते हैं। मंडल से गुजरने वाली एक दर्जन से अधिक ट्रेनों में जनरल कोच हटाए जाने हैं। रेलवे अधिकारियों की मानें तो आइसीएफ व एलएचबी कोच से चलने वाली इन ट्रेनों में कुछ श्रेणी के कोच हटेंगे तो कुछ बढ़ाए जाएंगे। रेलवे सूत्रों के अनुसार इस नई व्यवस्था में जहां थर्ड एसी में अब ज्यादा बर्थ उपलब्ध होंगी तो जनरल कोच में सफर करने वाले यात्रियों को आरक्षित टिकट लेकर ही सफर करना होगा। जंक्शन गुजरने वाली ट्रेनों में इस बदलाव से जनरल श्रेणी की करीब 800 से 1000 सीटें तक कम हो सकती हैं, तो वहीं भोपाल एक्सप्रेस सहित आधा दर्जन ट्रेनों में आइसीएफ की जगह एलएचबी कोच भी लगाए जाएंगे। एलएचबी के साथ चलने पर ट्रेनों में सेकंड़ और एसी स्लीपर की सीटें बढ़ाई व जनरल घटा दी जाएगी।
24 कोच की ट्रेन रह सकती है 12 से 16 कोच की
दरअसल जोन की ओर से जारी आदेश में पुराने आइसीएफ कोच और एलएचबी कोच से चलने वाली ट्रेनों में कोच की संख्या नए सिरे से तय की जानी है, जिसमें अब कई ट्रेन 20 से 24 कोच की जगह 12 से 16 कोच की रह जाएंगी, जो ट्रेनें पहले से एलएचबी कोच से संचालित हो रही हैं, उनमें सर्वाधिक बदलाव सेकंड़ स्लीपर कोच को लेकर किया गया है।
एलएचबी कोच स्पीड और सुरक्षा को लेकर बेहतर
एलएचबी कोच के साथ चलने वाली ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने पर खतरा न के बराबर रहता है, जिनमें पटरी और पहिए में अच्छा संपर्क रहता है। इसके अलावा यह कोच सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से भी बेहतर रहते हैं। इसलिए रेलवे इन कोच से ट्रेन चलाने पर काम कर रहा है।
Published on:
29 Dec 2020 07:50 pm
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