
इस साल भी नहीं बन पाएगी नई बिल्डिंग, शोर-शराबे के बीच पढ़ाई करेंगी बेटियां
सागर. गल्र्स डिग्री कॉलेज प्रशासन को इस सत्र में भी अपने पुराने परिसर से ही काम चलाना होगा, क्योंकि भवन के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई राशि से पुराने आरटीओ बिल्डिंग के पास आवंटित भूमि पर नया भवन इन्स साल बनकर तैयार नहीं हो पाएगा।
शहर के बीचों-बीच स्थित गल्र्स डिग्री कॉलेज प्रदेश का सबसे अधिक छात्राओं की संख्या वाला कॉलेज माना जाता है। इस हिसाब से अब कॉलेज में जगह भी कम पडऩे लगी है। हालांकि कॉलेज को जिला प्रशासन ने नए आरटीओ ऑफिस के पास २० एकड़ और पुराने आरटीओ के पास २ एकड़ की जमीन आवंटित की है, लेकिन अभी तक उसमें कोई निर्माण नहीं हो पाया है। कॉलेज में ९ हजार से अधिक नियमित कोर्स की छात्राओं को पढ़ाने के लिए ३२ कमरें हैं। इन्हीं में नियमित क्लास सहित प्रैक्टिकल कराते हैं। कॉलेज को ढाई करोड़ रुपए पिछले वर्षों में जारी भी किए गए थे, जिससे कॉलेज परिसर में ही एक बिल्डिंग तैयार तो कर दी गई है, लेकिन इससे परिसर और छोटा हो गया है। यहां वाहनों की पार्र्किंग हो जाने के बाद वहां पर छात्राओं को बनी एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग में जाने में भी परेशानी होती है। परिसर में जगह नहीं होने के कारण खेल गतिविधियां नहीं हो हो रही हैं।
नई बिल्डिंग की जरूरत इसलिए
शहर के बीचों बीच और दोनों ओर से बस स्टैंड होने के कारण वाहनों के शोर-शराबे में छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। वहीं कॉलेज बिल्डिंग के ऊपर से निकले हाइटेंशन लाइन के तार के कारण भी खतरा रहता है। एेसे में कॉलेज को एक नए परिसर की आवश्यकता है।
पीआइयू जल्द ही जारी करेगा टेंडर
कॉलेज के लिए पुराने आरटीओ बिल्डिंग के पास मिली दो एकड़ जमीन पर कॉलेज का नया भवन बनेगा। कॉलेज प्रशासन द्वारा पीआइयू को बिल्डिंग की डिजाइन दे दी गई है। पीआइयू द्वारा जल्द ही कॉलेज बिल्डिंग के टेंडर जारी करके काम शुरू कर दिया जाएगा। कॉलेज की बिल्डिंग के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने पिछले माह ही ६ करोड़ ६३ लाख रुपए स्वीकृत किए थे, हालांकि ६ करोड़ रुपए में कॉलेज १२ कमरों का निर्माण करना था, लेकिन कॉलेज ने मालथौन और ढाना कॉलेज में इतनी राशि से ही बने पूरे कॉलेज भवन का डिजाइन इसी तरह की बिल्डिंग बनाने का निर्णय लिया है।
&नए भवन के लिए पीआइयू को डिजाइन दे दी गई है। जिसके बनने में समय लगेगा। फिलहाल कॉलेज का संचालन अभी यथा स्थान पर ही होगा। नए परिसर में निर्माण के बाद वहां पर कुछ संकाय का संचालन किया जाएगा।
एके पटैरिया, प्राचार्य, गल्र्स डिग्री कॉलेज
Published on:
29 May 2018 12:02 pm
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