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गांव में बनाए हाट बाजार बने शोपीस, शुरू हुए बिना ही होने लगे जर्जर

लाखों रुपए खर्च कर कराया गया है निर्माण

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Haat market built in the village became a showpiece, started becoming dilapidated without starting

Haat market built in the village became a showpiece, started becoming dilapidated without starting

बीना. बिना किसी योजना के ही ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों रुपए खर्च कर हाट बाजार बनवाए गए हैं, लेकिन इनका उपयोग कुछ भी नहीं हो रहा है। दुकानें न खुलने के कारण खाली पड़े हाट बाजार देखरेख के अभाव में जर्जर होने लगे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आरइएस विभाग द्वारा ग्राम भानगढ़ और पतरिया आगासौद में मुख्यमंत्री हाट बाजार का निर्माण कराया गया है, जिसमें दुकानें और शेड बनाए गए हैं। दोनों जगह बाजार बनकर तैयार हो गए हैं और पंचायतों को हैंडओवर कर दिया गया है, लेकिन यहां दुकानें नहीं लग रही हैं। हाट बाजार निर्माण के पहले इसकी जानकारी नहीं ली गई कि उस गांव में कितनी दुकानें लग रही हैं और बाजार की जरूरत है या नहीं। बिना किसी योजना के ही बाजार बनाकर तैयार कर दिए गए हैं। वर्षों से खाली पड़े हाट बाजार अब जर्जर होने लगे हैं। इसका उपयोग दूसरे कार्यों में किया जा रहा है। भानगढ़ में बनाए गए शेड दुकानों में पानी की टंकी का निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार के कर्मचारी रुके हुए हैं और सामान रखा हुआ है। सामान और मशीन रखने से टाइल्स टूट रहे हैं। इसके बाद भी पंचायत द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार एक हाट बाजार 25 और दूसरा 27 लाख रुपए की लागत से बनाया गया है। लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी इनका उपयोग कुछ भी नहीं है। यदि बड़ी पंचायतों और जहां हाट बाजार लगते हैं वहां निर्माण कार्य कराया जाता तो उसका उपयोग होता। साथ ही दुकान, शेड सुरक्षित रहते।
दुकानदार नहीं दिखा रहे रुचि
ग्रामीण क्षेत्रों में दुकानों की संख्या कम होती है और हाट बाजार भी नहीं लगते हैं। यहां सबसे ज्यादा लोग फेरी लगाकर सामान बेचते हैं और जो भी स्थाई दुकानदार हैं वह इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। ऐसे में यहां हाट बाजार तैयार करने का कोई औचित्य नहीं है।