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पर्यावरण दिवस पर रोपे आधे पौधे सूखे, पौधे लगाने की बाद नहीं की गई देखभाल

फोटो खींचने तक सीमित रहा पौधारोपण, नगर पालिका अध्यक्ष ने पहले ही जताई थी जगह चयन को लेकर आपत्ति

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Half the plants planted on Environment Day dried up, no care was taken after planting

देखरेख के अभाव में सूख रहे पौधे

बीना. पर्यावरण दिवस पर नगर पालिका ने मोतीचूर नदी घाट पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित कर 18 पौधे रोपे थे। पौधा रोपने के बाद यह देखने कोई नहीं पहुंचा कि पौधों में पानी डाला जा रहा या नहीं, जिससे आधे पौधे सूख चुके हैं।
नदी के घाट पर कुल 18 पौधे रोपे गए थे, जिसमें सिर्फ छह में ट्री गार्ड लगाए गए हैं। शेष पौधे खुले में लगे हैं। साथ ही आठ दिन में ही आधे पौधे पूरी तरह से सूख गए हैं और कुछ पानी न मिलने से पीले पड़ने लगे हैं, जो कुछ दिनों में खराब हो जाएंगे। नगर पालिका ने यह कार्य जोरशोर से किया था और शासकीय राशि खर्च कर घाट पर टेंट लगाकर जनप्रतिनिधियों को बुलाया गया था, जिसमें पौधा रोपने की फोटो भी खींची गई थीं। इसके बाद फिर किसी ने पौधों की तरफ मुड़कर नहीं देखा। नगर पालिका अध्यक्ष ने इस जगह के चयन को लेकर कार्यक्रम में ही आपत्ति जताते हुए सीएमओ पर ठेकेदार को लाभ देने की बात कही थी। यह पहली बार नहीं हुआ है जब पौधारोपण के बाद उनके रखरखाव को लेकर ध्यान नहीं दिया गया हो, पिछले वर्षों में भी यही स्थिति रही है। लाखों रुपए खर्च कर कार्यक्रम आयोजित होते हैं, लेकिन पौधे, वृक्ष नहीं बन पाते हैं। हर वर्ष जो पौधारोपण होता है यदि यह पौधे वृक्ष बन जाते, तो क्षेत्र हराभरा हो जाता।