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hariyali teej साड़ी में चंदेरी-सिल्क तो मेंहदी में राजस्थानी पैर्टन पसंद कर रही महिलाएं

- सावन की तीज से मंदिरों में डल जाएंगे झूले

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सागर

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Reshu Jain

Aug 02, 2019

hariyali teej  साड़ी में चंदेरी-सिल्क तो मेंहदी में राजस्थानी पैर्टन पसंद कर रही महिलाएं

hariyali teej साड़ी में चंदेरी-सिल्क तो मेंहदी में राजस्थानी पैर्टन पसंद कर रही महिलाएं

सागर. सावन माह की हरियाली तीज शनिवार को मनाई जाएगी। कुछ इलाकों में इसे मधुश्रवा तीज के नाम से भी जाना जाता है। हरियाली तीज के लिए बाजार में दो दिन पहले से ही रौनक नजर आई। घरों में महिलाओं ने जहां विविध पकवान और पूजा की तैयारियां कर ली हैं तो बाजार भी तीज स्पेशल खरीददारी के लिए अपडेट हो चुके हैं। साड़ी, चूड़ी, मेहंदी के साथ घेवर की दुकानों पर भीड़ देखी गई।

हरियाली तीज पर विशेष खरीददारी के लिए विशेषकर साडिय़ों का बाजार तैयार है। दुकानों पर हरी साडिय़ां हर सुहागिन के लिए आकर्षण बन रही हैं। इसके साथ ही हरे रंग की साड़ी और सूट की मैचिंग की चूड़ी, बिंदी और जूलरी इन सभी को हरियाली तीज की स्पेशल खरीददारी के लिए पसंद किया जा रहा है। व्यापारी अंकित केशरवानी ने बताया कि हरियाली तीज के अवसर पर हरे रंग की साडिय़ां विशेषकर महिलाएं पसंद कर रही हैं। साडिय़ों में बंदेज, लहरिया, कॉटन सिल्क, भागलपुरी सिल्क, बार्डर टेस्ट की साडिय़ां अधिक खरीद रही हैं।


राजस्थानी मेहंदी का क्रेज

हरियाली तीज मेंहदी के बगैर अधूरी रहती है क्योंकि यह व्रत महिलाएं अपने सुहाग के लिए रखती हैं। इन दिनों नगर निगम मार्केट में भी महिलाएं मेंहदी लगवाने पहुंच रही है। सबसे अधिक राजस्थानी मेहंदी की अधिक डिमांड करती हैं। इसमें वहां की संस्कृति की झलक होती है।

भगवान शंकर और गौरी की अराधना का दिन
पं. शिवप्रसाद तिवारी ने बताया कि ये दिन मूल रूप से परमेश्वर शिव से उसकी प्रकृति गौरी के मिलने का दिन है। भक्तजनों के लिए यह दिन भगवान शंकर तथा गौरी की आराधना का दिन है। गौरी और शिव सुखद व सफल दांपत्य जीवन को परिभाषित करते हैं। श्रावणी तीज में विवाहित महिलाएं व्रत रखती हैं तथा इस व्रत को अविवाहित कन्याएं योग्य वर को पाने के लिए करती हैं तथा विवाहित महिलाएं अपने सुखी दांपत्य की चाहत के लिए करती हैं। शास्त्रों के अनुसार आज के दिन भगवान शंकर और मां गौरी की पूजा का विधान है।

तीज से मंदिरों में डलेंगे झूले
शहर के सभी मंदिरों में हरियाली तीज से भगवान के झूले डाले जाएंगे। भक्त भगवान को झूला झुलाएंगे। बड़ा बाजार स्थित बिहारीजी मंदिर,सत्यनारायण मंदिर,लक्ष्मीनारायण मंदिर,राधाबल्लभ मंदिर,रामबाग मंदिर,चकराघाट स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर,तिली रोड स्थित युगल सरकार मंदिर और वृंदावन बाग मंदिरों में भगवान के झूले डाले जाएंगे। विभिन्न प्रकार का मनमोहक श्रंगार और साज सज्जा की जाएगी।