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बीएमसी को दान में मिली जर्मन कंपनी की डायलिसिस मशीन, दो और की उम्मीद

सीताराम रसोई समिति के सदस्यों ने दीपावली पर समाजसेवा की एक और मिसाल पेश की है। समिति सदस्यों ने बुधवार को मिलकर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज को जर्मन कंपनी की एक डायलिसिस मशीन दान की है। अब बीएमसी में दो मशीन चालू हालत में हो गईं हैं, जिससे रोज 5-6 मरीजों का डायलिसिस किया जा सकता है।

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सागर

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Rizwan ansari

Nov 01, 2024

जर्मन कंपनी की डायलिसिस मशीन

जर्मन कंपनी की डायलिसिस मशीन

किडनी मरीजों को राहत: अभी तक सिर्फ एक से चल रहा था काम

सागर. सीताराम रसोई समिति के सदस्यों ने दीपावली पर समाजसेवा की एक और मिसाल पेश की है। समिति सदस्यों ने बुधवार को मिलकर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज को जर्मन कंपनी की एक डायलिसिस मशीन दान की है। अब बीएमसी में दो मशीन चालू हालत में हो गईं हैं, जिससे रोज 5-6 मरीजों का डायलिसिस किया जा सकता है। ज्ञात हो कि क्षेत्र में 200 से अधिक किडनी पेशेंट हैं, जिन्हें सप्ताह में एक दिन ब्लड साफ करवाने बीएमसी आने पड़ता है लेकिन बीएमसी में 2 मशीनों में खराबी के कारण मात्र एक मशीन ही चल रही थी, जिससे प्रतिदिन मात्र 2-3 मरीजों का ही डायलिसिस हो पा रहा था, जबकि 3-4 मरीज निराश होकर लौट रहे थे।
बुधवार को सुबह 11 बजे बीएमसी के डीन डॉ. पीएस ठाकुर व डॉक्टरों की मौजूदगी में सीताराम रसोई समिति सदस्यों ने 7.50 लाख रुपए कीमत की डायलिसिस मशीन बीएमसी को सौंपी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति सचिव इंजीनियर प्रकाश चौबे ने कहा कि डीन डॉ. पीएस ठाकुर ने कुछ दिन पहले समिति सदस्यों को डायलिसिस मशीनों के संबंध में बताया था। समिति सदस्यों ने सेवा भाव का परिचय दिया और सभी ने मिलकर जर्मन कंपनी की डायलिसिस मशीन की एक माह में ही मंगवाकर बीएमसी को दान कर दी।
अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र चौदहा ने कहा कि यह मशीन जर्मन की नामी कंपनी की है। इसके अच्छे परिणाम हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह पर यह मशीन खरीदकर दी है। बीएमसी को 2 और मशीन दान के संबंध में चर्चा चल रही है।
कार्यक्रम में सीताराम रसोई के राजेश गुप्ता, आलोक अग्रवाल, बीएमसी अधीक्षक डॉ. राजेश जैन, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति तिवारी, डॉ. मनीष जैन, डायलिसिस यूनिट इंचार्ज डॉ. देवेंद्र अहिरवार, डॉ. हिंदेश्वरी राय, इमरजेंसी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र उइके, नेत्ररोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे मौजूद थे।