
If the number plate is not taken from the villagers, then the benefits of the schemes will stop
बीना. ग्राम गिरोल में अचानक से कुछ लोगों द्वारा मकान नंबर प्लेट देने का कार्य शुरू किया गया है और इसके बदले पचास रुपए भी लिए जा रहे हैं, जबकि इस संबंध में अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं है। शनिवार को तहसील पहुंचे ग्रामीणों ने यह जानकारी दी। मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीणों को एक चद्दर की छोटी सी नंबर प्लेट दी जा रही है, जिसमें मकान नंबर और नाम लिखा हुआ। इसके बदले पचास रुपए लिए जा रहे हैं और ग्रामीणों से कहा जा रहा है कि यदि यह नंबर प्लेट नही ली, तो किसी भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा, जिससे वह मजबूरी में रुपए देकर नंबर प्लेट ले रहे हैं। यही नहीं एक मकान में रहने वाले चार सदस्यों की अलग-अलग रसीद बनाई गई हैं और दो सौ रुपए ले लिए गए हैं। रामभरत अहिरवार ने बताया कि उनके परिवार में चार सदस्य हैं, जो एक ही मकान में रहते हैं, लेकिन सभी की पचास-पचास रुपए की रसीद काटी गई हैं। इसी तरह ब्रजलाल के परिवार के चार सदस्यों की रसीद काटी गई हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जो लोग नंबर प्लेट लगाने आ रहे हैं, उनके साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी आती हैं। शनिवार को ग्रामीण यह शिकायत लेकर तहसील पहुंचे थे।
बंद की जाए वसूली
पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ने बताया कि ग्रामीण शिकायत लेकर आए थे और उनसे पचास-पचास रुपए नंबर प्लेट के नाम पर लिए जा रहे हैं। यह अवैध वसूली बंद होना चाहिए। अधिकारियों द्वारा इसपर रोक नहीं लगाई गई तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन करेंगे।
मिली है जानकारी
ग्रामीणों से जानकारी मिली है और मकान नंबर प्लेट लगाने वाले व्यक्ति द्वारा जनपद पंचायत सीइओ का लेटर ग्रामीणों को दिखाया है। संबंधित व्यक्ति से मिलकर पूरी जानकारी लेंगे।
हरगोविंद सिंह, सरपंच, ग्राम पंचायत गिरोल
नहीं दिए आदेश
नंबर प्लेट लगाने संबंधी कोई भी आदेश जनपद पंचायत से नहीं दिए गए हैं। कौन यह प्लेट लगा रहा है, इसकी जानकारी नहीं है और ग्रामीणों पर इसके लिए दबाव बनाना गलत है।
मीना कश्यप, प्रभारी सीइओ, जनपद पंचायत, बीना
Published on:
10 Sept 2022 09:22 pm
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