3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

द्वारकाधीश मंदिर में भक्तों ने भगवान संग खेली गुलाल की होली, चंपाबाग में आंवले व गन्ने के रस का लगा भगवान को विशेष भोग

फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की रंगभरी एकादशी सोमवार को धूमधाम से मनाई गई। शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान का एकादशी का विशेष श्रृंगार कर अबीर-गुलाल चढ़ाई गई। इसमें मुख्य रूप से देव बांके राघवजी मंदिर, द्वारकाधीश मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, काकागंज राम दरबार सहित विभिन्न मंदिरों में भगवान का एकादशी का अभिषेक कर नई पोशाक के साथ श्रृंगार हुआ।

less than 1 minute read
Google source verification

सागर

image

Reshu Jain

Mar 11, 2025

फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की रंगभरी एकादशी मंदिरों में धूमधाम से मनाई

सागर . फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की रंगभरी एकादशी सोमवार को धूमधाम से मनाई गई। शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान का एकादशी का विशेष श्रृंगार कर अबीर-गुलाल चढ़ाई गई। इसमें मुख्य रूप से देव बांके राघवजी मंदिर, द्वारकाधीश मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, काकागंज राम दरबार सहित विभिन्न मंदिरों में भगवान का एकादशी का अभिषेक कर नई पोशाक के साथ श्रृंगार हुआ। सत्यनारायण घाटी स्थित देव द्वारकाधीश मंदिर में रंगभरी एकादशी फागें गाई गई। मंदिर की उत्सव समिति के शिवम सोनी ने बताया कि सुबह भगवान द्वारकाधीश का दूध एवं गंगाजल से एकादशी का विशेष अभिषेक हुआ। महिला ब्रिज मंडल ने होली उत्सव मनाया। ठाकुर जी का कुंज उत्सव मनाकर गुलाल चढ़ाई। फूलों के साथ होली उत्सव मनाया गया। दूध की प्रसाद का भोग लगाया। भक्तों को ठंडाई की प्रसादी वितरित की गई।

चंपाबाग मंदिर में हुए भजन

चंपाबाग हनुमान मंदिर में रंगभरी आंवला एकादशी पर सुबह भगवान राधा कृष्णा का अभिषेक हुआ। पं रघु शास्त्री ने बताया कि सात रंग की गुलाल से भगवान के साथ होली खेली गई। भजन गीत के साथ गीता पाठ हुआ। बुंदेली फाग में भक्त झूम उठे। आंवले के साथ गन्ने का रस भोग लगाया गया। बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे।

नई पोशाक से हुआ श्रृंगार

बड़ा बाजार स्थित देव बांके राघव जी मंदिर में रंगभरी एकादशी पर भजन संध्या में होली के पद गायन हुए। पुजारी निताई दास ने बताया कि सुबह ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक किया गया। शाम को नई पोशाक के साथ एकादशी का विशेष श्रृंगार कर संध्या आरती के बाद होली के पद गायन के साथ ही भक्त ठाकुरजी को गुलाल चढ़ाई गई। वहीं तिली स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में विराजमान भगवान राम जानकी का पुजारी शिवप्रसाद तिवारी द्वारा अभिषेक पूजन कर विशेष श्रृंगार किया गया।