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Video: कभी देखा है पिल्लों का ऐसा दष्टोन समारोह, जहां बेड़नियों ने किया राई नृत्य, निमंत्रण पर आए लोग भी जमकर झूमे…

मप्र के सागर जिले के एक गांव में तीन पालतु कुतियों द्वारा पिल्लों को जन्म देने के बाद पालक ने किया आयोजन

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Indias first and unique event Birth Celebration of Dog Children in MP

Indias first and unique event Birth Celebration of Dog Children in MP

सागर. अजब भारत में गजब कहानियां सुनने और देखने को तो अक्सर मिलती है। इस बार अजब गजब वाक्या सामने आया है मप्र के सागर जिले में। जहां कुत्ता-कुतियों के प्रति स्नेह रखने वाले एक व्यक्ति ने ऐसा काम किया है। जिसकी पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में आज चर्चा हो रही है। अधिकांश लोग इस व्यक्ति द्वारा किए गए अनोखे आयोजन की तारीफ क रहे हैं तो कुछ इसे फिजूल खर्ची भी बताने से पीछे नहीं हट रहे है।

मामला सागर जिले के बीना क्षेत्र का है। जहां के खिमलासा गांव में लाल सिंह राठौर रहते है और वहां उनका एक ढाबा संचालित है। ढाबे की सुरक्षा सीसीटीवी कैमरा नहीं बल्कि उनके पालतू कुत्ते / कुतिया लंबे समय से करते आ रहे है। यही कारण है कि लालसिंह का विश्वास स्नेह इन कुत्ता/ कुतियों के प्रति ज्यादा है। यहीं कारण था कि जब लालसिंह के ढाबे पर लंबे समय से पल रहीं तीन कुतियां चंपा, चकुल और भूरी ने २० पिल्ले, पिल्लों को जन्म दिया तो लालसिंह को भी काफी खुशी हुई। खुशी भी ऐसी जैसे कोई मन्नत पूरी हो गई हो।


लालसिंह ने अपनी का खुशी का इजहार करते हुए पिल्ले, पिल्लौं का दष्टोन समारोह का आयोजन किया। आयोजन भी कोई कामचलाऊ नहीं। बाकायदा दष्टोन समारोह के कार्ड छपवाए गए। परिचितों को इस दष्टोन समारोह में उपस्थित होने का न्यौता भी भेजा गया। १२ दिसंबर को दोपहर १ बजे ढाबा पर ही कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें सौ से अधिक लोगों की मौजूदगी रही।


इस पिल्ला, पिल्लों के दष्टोनोत्सव में खास बात यह रही कि आम बड़े दष्टोन समारोह की तरह इसमें भी बुंदेलखंड के प्रसिद्ध राई नृत्य के लिए बेड़नियों को भी बुलाया गया था। जिन्होंने खुशी के इस दिन खूब नृत्य किया। जिनके साथ ग्रामीणों और आमंत्रित लोगों ने भी जमकर नृत्य किया। इस मौके पर आम दष्टोन की तरह ही कुतियों और पिल्लों को भी विधि के अनुसार कार्यक्रम संपन्न कराए गए। जिसके उपस्थित सभी जन साक्षी बने।


ऐसा रहा कार्ड का स्वरूप, ये बने दर्शनाभिलाषी
दष्टोनोत्सव समारोह के कार्ड में दो कुत्तों की फोटो ऊपर लगाई गई थी। जो अपने आप में हास्यापद थी। इसके बाद लिखा था ईश्वर की अनुकंपा से लालसिंह राठौर के ढाबा पर चंपा, चकुल, भूरी को संतान उत्पत्ति हुई है। इस अवसर पर आयोजित दष्टोनोत्सव व राई नृत्य में पधारकर हमें अनुग्रहित करें। कार्यक्रम १२ दिसंबर २०१७ दोपहर १ बजे से लालसिंह के ढाबा खिमलासा में। विनीत लालसिंह राठौर ही रहे। जबकि दर्शनाभिलाषी वीरेंद्र कुशवाहा, परमानंद कुशवाहा, गोरेलाल, रोहित रैकवार, भरत कुशवाहा, बिट्टू कुशवाहा, धर्मेंद्र पाल सहित अन्य रहे।