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सूखा राहत राशि को लेकर गफलत, राजस्व विभाग से मांगी पिछले छह साल की जानकारी

सहकारिता उपायुक्त ने तहसीलदार को लिखा पत्र, किसान ने शिकायत में लगाए आरोप पिता के नाम से स्वीकृत राहत राशि समिति प्रबंधक ने निकाली  

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सूखा राहत राशि को लेकर गफलत, राजस्व विभाग से मांगी पिछले छह साल की जानकारी

सूखा राहत राशि को लेकर गफलत, राजस्व विभाग से मांगी पिछले छह साल की जानकारी

सागर. राजस्व विभाग द्वारा बीते सालों में किसानों को वितरित की गई सूखा राहत राशि को लेकर गफलत की स्थिति बनने के बाद सहकारिता विभाग ने तहसीलदार सागर से बीते छह साल की जानकारी मांगी है। यह स्थिति इसलिए बनी है क्योंकि तहसील के किसानों ने सहकारी समितियों पर राशि का बंदरबांट करने के आरोप लगाए हैं। किसानों की इन शिकायतों के बाद सहकारिता उपायुक्त ने राजस्व विभाग से वर्ष 2013 के बाद से अब तक किसानों को वितरित की गई सूखा राहत राशि की पूरी जानकारी मांगी है। तहसीलदार को किए गए पत्राचार में उनसे 2013 के बाद जिले की सागर तहसील को सूखा राहत की राशि किस-किस वर्ष में प्रदाय की गई, सागर तहसील की सूखा राहत राशि प्राप्त किसानों के नामों की सूची व उनको प्राप्त राशि संबंधी जानकारी मांगी है। इसमें यह भी कहा गया है कि यह जानकारी पंचायतवार उपलब्ध कराएं जिससे किसानों की शिकायतों का निराकरण किया जा सके।

यह है मामला
सहकारिता विभाग के अनुसार रजौआ निवासी रामदीन लुहार ने सीएम हेल्प लाइन पर शिकायत की है कि उसके पिता के नाम से पांच हजार रुपए की सूखा राहत राशि स्वीकृत हुई थी। राजस्व विभाग ने वर्ष 2015-16 में यह राशि वितरण की थी, लेकिन उसको अब तक नहीं मिली है। रामदीन का आरोप है कि उसके पिता के नाम दी गई राशि सहकारी समिति के जिम्मेदारों ने निकाल ली है। इसको लेकर रामदीन ने यह तर्क भी दिया है कि उसके पिता की मौत अप्रैल 2013 में हो गई थी, इसी का फायदा उठाकर सहकारी समिति के जिम्मेदारों ने राशि निकाल ली।

और भी हैं शिकायतें
तहसीलदार को किए पत्राचार में यह बात भी सामने आई है कि रजौआ निवासी रामदीन लुहार के अलावा कुछ अन्य किसानों ने सीएम हेल्प लाइन पर शिकायतें की हैं, तो वहीं कुछ शिकायतें सहकारिता विभाग को अन्य माध्यम से मिली हैं। जिनको लेकर सहकारिता उपायुक्त ने जांच शुरू की है, लेकिन यह स्थिति भी सामने आ रही है कि राहत राशि तहसील से सीधे किसानों के बैंक खातों में डाली गई थी, ऐसे में सहकारी समितियों कैसे राशि निकाल लेगी। इसी सब गुत्थियों को सुलझाने यह जानकारी मांगी है।

जानकारी से स्पष्ट होगा
किसानों ने अपनी शिकायत में सहकारी समितियों पर आरोप लगाए हैं, लेकिन राशि सीधे उनके खाते में भेजी गई थी। इसी सबको सुलझाने और शिकायतों का निराकरण करने राजस्व विभाग से जानकारी मांगी है।
शिव प्रकाश कौशिक, उपायुक्त सहकारिता