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सफाई पर हर माह लाखों रुपए खर्च, फिर भी सफाई नहीं आ पा रही पटरी पर, जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर

Lakhs of rupees are spent on cleaning every month, yet cleanliness is failing to return to normal, with heaps of garbage everywhere.

आगासौद रोड पर लगा कचरे का ढेर। फोटो—पत्रिका

बीना. डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए रैमकी कंपनी कार्य कर रही है और सफाई व्यवस्था संभालने नगर पालिका के कर्मचारी कार्य कर रहे हैं, लेकिन फिर भी व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है। परिषद की बैठक में हर बार पार्षद सफाई व्यवस्था को लेकर हंगामा करते हैं और अधिकारी सिर्फ व्यवस्था सुधारने का आश्वासन देते हैं।
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने, डंप से कचरा उठाने का कार्य रैमकी कंपनी कर रही है और इसका हर माह करीब 10 लाख रुपए का भुगतान होता है। इसके अलावा स्थाई, दैनिक वेतन भोगी और आउटसोर्स के 145 सफाई कर्मचारी कार्य कर रहे हैं, लेकिन फिर भी सफाई व्यवस्था को लेकर शहरवासी, पार्षद संतुष्ठ नहीं है। शहर में कई जगहों पर कचरा के ढेर लगे हुए हैं और कचरा गाड़ी न आने या समय पर न आने की शिकायतें आ रही हैं। पिछले दिनों हुई बैठक में पार्षदों ने भी सफाई व्यवस्था को लेकर आक्रोश जताया था। साथ ही सफाई कर्मचारी कहां ड्यूटी करते हैं, इसकी जानकारी मांगी थी, जिसकी जानकारी अधिकारी नहीं दे पाए।

जगह-जगह लगे कचरा के ढेर
शहर में दिनभर कचरा के ढेर लगे रहते हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति आगासौद रोड पर है, जहां बड़ा कचरे का ढेर लगा है। झांसी रेलवे लाइन के अंडरब्रिज को जोडऩे वाले बाइपास रोड पर भी कचरा डला रहता है। वार्डों के अंदर भी अच्छे से सफाई नहीं की जा रही है। नाला, नालियों में कचरा भरा हुआ है, जिसमें सफाई नहीं की जाती है।

स्वच्छ रैंकिंग पर पड़ेगा असर
सफाई व्यवस्था ठीक न होने से स्वच्छ रैंकिंग पर असर पड़ेगा। पिछली रैंकिंग में भी गिरावट आई थी और इस वर्ष भी इसमें सुधार करने के लिए अधिकारी गंभीर नहीं हैं।

आगासौद रोड पर फेंके जा रहे मृत मवेशी
बार-बार शिकायतों के बाद भी आगासौद रोड पर मृत मवेशियों को फेंका जा रहा है, जिससे वहां से निकलने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। साथ ही आसपास रहने वाले लोगों का बदबू के कारण घरों में रहना दूभर हो रहा है। नगर पालिका मृत मवेशियों के दफनाने के लिए अभी तक कोई व्यवस्था नहीं कर पाई है। जबकि इसके लिए एक बड़ा गड्ढा तैयार कर दफनाने की व्यवस्था की जाती है।