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धीमी गति: ब्रिज के अंतिम पिलर का गड्ढा तैयार होने में लगेगा डेढ़ माह का समय

गेट बंद होने से लोग एक साल से हैं परेशान, फिर भी बरती जा रही लापरवाही, इस वर्ष बारिश के मौसम में फिर होना पड़ेगा शहरवासियों को परेशान, फिर अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान

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Slow progress: It will take one and a half months to complete the pit for the last pillar of the bridge.

पिलर के लिए गड्ढा तैयार करते हुए। फोटो-पत्रिका

बीना. खिमलासा रोड पर ओवरब्रिज निर्माण का कार्य डेढ़ वर्ष से चल रहा है, लेकिन रेलवे क्षेत्र में ठेकेदार की लापरवाही लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। हालत यह है कि चार पिलर का कार्य भी अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।

चार पिलर में अभी तक तीन के गड्ढा तैयार हुए हैं और पिलर निर्माण का कार्य शुरू हो गया है, लेकिन एक गड्ढा तैयार होने में अभी डेढ़ माह का समय लग सकता है। क्योंकि यहां बहुत धीमी गति से कार्य चल रहा है। जबकि इन पिलरों का कार्य शुरू होने पर एक साल पहले गेट बंद कर दिया गया था और तभी से अंडरब्रिज से वाहन निकालने पड़ रहे हैं। जहां दिन में कई बार जाम की स्थिति बनती है और बारिश में स्थिति गंभीर हो जाती है। जिस गति से कार्य चल रहा है, उससे ब्रिज इस बारिश में भी चालू नहीं हो पाएगा और लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ेगा। इसके बाद भी रेलवे और प्रशासनिक अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। ठेकेदार की मनमर्जी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। शहरवासियों ने जल्द से जल्द यह कार्य पूर्ण कराने की मांग की है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष बारिश में कई बार अंडरब्रिज में जाम की स्थिति बनने के बाद लोगों ने धरना, प्रदर्शन किए थे। तब अधिकारियों ने जल्द काम पूरा कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कार्य पूरा नहीं हो पाया है।

पीडब्ल्यूडी क्षेत्र का काम भी अधूरा

रेलवे के साथ-साथ पीडब्ल्यूडी क्षेत्र का कार्य भी अधूरा है। तहसील तरफ एप्रोच रोड बनाने का कार्य चल रहा है, लेकिन शहर तरफ अभी तक न नालियों का निर्माण हो पाया है और न ही एप्रोच रोड बनाया गया है। इसके अलावा अन्य कार्य भी शेष रह गए हैं।

लोगों ने की थी गेट खोलने की मांग
परेशान शहरवासियों ने पिछले वर्ष बारिश के समय गेट खोलने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद रेलवे अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही पिलर तैयार हो जाएंगे, जिससे यह समस्या हल हो जाएगी और आज भी स्थिति जस की तस है और बरसात के लिए सिर्फ दो माह ही शेष रह गए हैं।