
बीना रिफाइनरी। फाइल फोटो
बीना. रीजनल इंड्रस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन शुक्रवार को सागर में हो रहा है, जिसमें बीना क्षेत्र में उद्योग लगाने के लिए भी बड़ी मात्रा में उद्योगपति निवेश कर सकते हैं। क्योंकि यहां पेट्रोकेमिकल प्लांट का निर्माण कार्य शुरू हो गया है और भविष्य में सहायक उद्योग लगेंगे। भविष्य को लेकर अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी है।
क्षेत्र के 27 गांवों में 600 हेक्टेयर से ज्यादा शासकीय जमीन का आवंटन उद्योग विभाग के लिए किया गया है, जहां उद्योग स्थापित होंगे। इन गांवों में छायनकाछी, जगदीशपुरा, पिपरासर, बम्होरी केला, ढांड़, सलीता, भैंसवाहा, कोंरजा, लखाहर, सतौरिया, बरौदिया आदि गांव शामिल हैं। उद्योगपतियों के आने पर इन गांवों में उद्योग लगाने जगह दी जाएगी। क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल से जुड़े हुए उद्योग लगाए जाने हैं, जिसमें प्लास्टिक, कृषि यंत्र, पेंट, केमिकल सहित अन्य प्रोडक्ट बनाए जाएंगे। पेट्रोकेमिकल के अलावा अन्य उद्योग भी यहां लगाए जाएंगे, क्योंकि यहां से ट्रेन रूट और सड़क मार्ग से आवागमन सुगम है। गौरतलब है कि बीना में पूर्व में फूड पार्क बनाने, लॉजिस्टिक हब के लिए भी पूर्व में अधिकारी निरीक्षण कर चुके हैं।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी है जारी
रिफाइनरी विस्तार के लिए उद्योग विभाग को 500 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करना है। यह जमीन भांकरई, दौनमणि, पुरैना में की जानी है, इसके लिए पूर्व में सर्वे हो चुका है, लेकिन किसान जमीन देने पर आपत्ति दर्ज कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।
सीमेंट उद्योग की भी है संभावना
यहां जेपी, रिफाइनरी से फ्लाइ ऐश (काेयला की राख ) पर्याप्त मात्रा में निकलती है, जो सीमेंट उद्योग में उपयोग की जाती है। अभी यह फ्लाइ ऐश बाहर भेजी जाती है। यदि यहां सीमेंट उद्योग लगते हैं, तो उन्हें कच्चा माल यहां आसानी से मिल सकता है।
जमीन हो चुकी है आवंटित
उद्योग विभाग के लिए 27 गांवों में शासकीय जमीन उद्योगों के लिए आवंटित हो चुकी है, जो 600 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन है। यह जमीन उद्योग विभाग के माध्यम से उद्योगपतियों को उपलब्ध कराई जाएगी।
देवेन्द्रप्रताप सिंह, एसडीएम, बीना
Published on:
27 Sept 2024 12:45 pm
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