राजघाट बांध के पानी प्रबंधन के लिए कटौती का अपना रहे फंडा, पंप हाऊस पर पंपिंग में कम होने की बात आई सामने
सागर. शहर में राजघाट पेयजल परियोजना की पाइपलाइनों के लीकेज सुधारने के नाम पर अब तक करीब 15 बार कटौती की जा चुकी है। नगर निगम के नेता और अफसर दिसंबर-2018 से लगातार लीकेज सुधारने के नाम पर कटौती कर रहे हैं। निगम प्रशासन अब तक सिर्फ दो बड़े लीकेज को ही सुधार पाया है, जबकि तिली क्षेत्र समेत पूरे शहर में लीकेजों की स्थिति जस की तस है जिसको लेकर सिर्फ औपचारिकता ही पूरी की जा रही है।
पानी प्रबंधन का है फंडा
आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक डॉ. स्वदीप श्रीवास्तव का कहना है कि एेसे पिछले वर्षों में भी देखने को मिला है कि निगम के जिम्मेदार अधिकारी व नेता लीकेज सुधारने के बहाने कटौती करने लगते हैं ताकि किसी तरह से एक दिन का समय निकाला जा सके। बांध से यदि सिंचाई पर रोक लग जाए तो शहर में एक टैंकर पानी भी नहीं भेजना पड़ेगा।
पंपिंग का समय भी हुआ कम
जानकारी के मुताबिक राजघाट बांध के पंप हाऊस पर रॉ वाटर पंप की पम्पिंग की समयावधि कम कर दी गई है। बताया जा रहा है कि करीब एक से डेढ़ घंटे की पम्पिंग कम हुई है। बांध से पानी उठाने के लिए करीब 18 से 20 घंटे तक सामान्य दिनों में पंप चलाया जाता था।