
फाइल फोटो
बीना. महाविद्यालयों में प्रवेश की पहले चरण की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और दूसरे चरण के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। पहले चरण में शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कन्या महाविद्यायल की सीटें आधी भी नहीं भर पाई हैं और अब दूसरे चरण में सीटें भरने की उम्मीद है। पिछले वर्ष भी सिर्फ विधि महाविद्यालय की सीटें भरी थीं।
महाविद्यालयों में यूजी और पीजी की सीटें आधी भी नहीं भर पाई हैं। स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीए की 700 सीटें हैं, जिसमें सिर्फ 115 सीटें ही भरी हैं। यही स्थिति अन्य संकायों की भी है। कन्या महाविद्यालय में भी पहले चरण में यूजी में 83 और पीजी में 23 सीटें भरी हैं। पिछले वर्षों में भी सभी संकायों की सीटें खाली रही हैं, जिसका कारण पारंपरिक विषयों की अपेक्षा रोजगारोन्मुखी पढ़ाई की तरफ विद्यार्थियों का रुझान बताया जा रहा है। विद्यार्थी दूसरे शहरों में जाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी करने में जुटे हैं। साथ ही तकनीकी शिक्षा ले रहे हैं, जिससे पढ़ाई के बाद नौकरी न मिलने पर वह अपना व्यावसाय शुरू कर सकें।
प्रवेश लेेने चलाया जा रहा है अभियान
महाविद्यालय में प्रवेश लेने के लिए स्कूल जाकर अभियान के तहत विद्यार्थियों को प्रेरित भी किया जाता है, लेकिन इसका भी असर नहीं दिख रहा है। इस दौरान विद्यार्थियों को विषयों के साथ-साथ योजनाओं और संसाधनों की जानकारी दी जाती है।
टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी ऑपरेशन कोर्स की शुरुआत
स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इस वर्ष से बीए इन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी ऑपरेशन कोर्स की शुरुआत हुई है, इसमें बीए की फीस ही विद्यार्थियों को भरना है। प्रथम 2 वर्षों में विद्यार्थियों को थ्योरी पढ़ाई जाएगी और तीसरे वर्ष में अप्रेंटिस कंपनी में होगी, जिसमें छात्र प्रतिमाह करीब 10000 रुपए स्टाइपेंड विद्यार्थी को मिलेगा। विद्यार्थियों से रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम में रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की गई है।
शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय
संकाय सीट प्रथम चरण की स्थिति
बीए 700 115
बीकॉम 260 65
बीएससी 380 80
बीलिब 40 15
एलएलबी 60 40
एमए 350 50
एमएससी 280 58
Updated on:
18 Jun 2025 12:19 pm
Published on:
18 Jun 2025 12:19 pm
