
सूखी घास के बीच नजर आते पौधे
बीना. जुगपुरा में बीपीसीएल ने सीएसआर के तहत वन विभाग की 90 हेक्टेयर जमीन पर करीब एक लाख पौधे रोपित कराए हैं। पौधे लगे हुए अभी कुछ माह ही हुए हैं, लेकिन यहां घास कटाई न होने से आग लगने का खतरा बढ़ गया है। एक चिंगारी से घास के साथ पौधे भी जल सकते हैं।
चार माह पहले जुगपुरा में पौधरोपण पूरा हुआ है और यहां अलग-अलग प्रजाति के करीब एक लाख पौधे रोपे गए हैं। पौधों की देखरेख वन विभाग को करनी है और इसका भुगतान बीपीसीएल करेगा। बारिश के बाद पौधों के बीच बड़ी-बड़ी घास हो गई है और सूखी घास में आग लगने का खतरा बढ़ गया है। एक चिंगारी से पूरे परिसर में आग फैल सकती है, जिसपर काबू पाना भी मुश्किल हो जाएगा। समय पर इसकी कटाई न होने से कई जगह पौधे भी नजर नहीं आ रहे हैं।
गांव वाले काटते हैं घास
यह घास आसपास के गांव वालों को नि:शुल्क देना है और ग्रामीण स्वयं ही घास काटकर ले जाएंगे, जिससे मवेशियों को घास मिल सके। इसके बाद भी वन विभाग के अधिकारी जल्द से जल्द से कटाई के प्रयास नहीं कर रहे हैं।
टैंकरों से दिया जाएगा पौधों को पानी
अभी जमीन में नमी है, जिससे पौधों को पानी की जरूरत नहीं है और कुछ दिनों बाद पौधों को पानी देना शुरू किया जाएगा, इसके लिए वन विभाग के अधिकारी टैंकर की व्यवस्था कराने बीपीसीएल को पत्र भेजेंगे, जिससे समय पर पौधों को पानी उपलब्ध हो सके।
बनाई जाएगी फायर पट्टी
डिप्टी रेंजर ओपी शिल्पी ने बताया कि घास की कटाई ग्रामीण कर रहे हैं, लेकिन वह पेड़ों को भी क्षति पहुंचा रहे थे, इसलिए अलग-अलग सेक्टर में चौकीदार की निगरानी में कटाई कराई जा रही है। कुछ दिनों में ही घास की कटाई हो जाएगी। साथ ही चारों तरफ फायर पट्टी बनाई जाएगी, जिससे बाहर से आग अंदर न पहुंच सके। पौधों को पानी देने के लिए टैंकर की व्यवस्था के लिए बीपीसीएल को पत्र भेजा जाएगा।
Published on:
06 Nov 2024 12:57 pm
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