
सागर. थाना क्षेत्र के ग्राम अमोदा में ट्रैक्टर से भैंस के पाड़े की मौत होने पर एक परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया है। जबकि यह समाज के द्वारा बताए गए मार्ग पर अपना प्रायश्चित भी कर चुका है। अब थक हार कर इसकी शिकायत पीडि़त ने थाने में दर्ज कराई है।
पुलिस ने बताया कि ग्राम अमोदा निवासी संजय, डेलन, चोखे लाल, भगवान दास, राजा, हर प्रसाद, खुमान, जमना, कृष्णकुमार ने केसली पुलिस को आवेदन देकर समाज से बंद कर अपमानित करने के आरोप ग्राम के ही कुछ लोगों पर लगाए हैं। फरियादी ने पुलिस से गुहार लगाते हुए बताया कि बीती 8 अगस्त को रामजानकी मंदिर में कजलियां चढ़ाने गया तो था वहां प्रवेश करने से रोका गया। जब उनसे रोकने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि विगत दिवस आपके ट्रैक्टर से भैंस का पाड़ा मारा गया था, जिस कारण आपको समाज से 'बंद कर दिया गया है।
पीडि़त ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि पाड़ा की मौत के बाद 18 गांव की कन्याओं को भोज देने के साथ नर्मदा स्नान व बांदकपुर में जल अर्पण का दंड पहले भुगत चुके हैं। फिर भी हमें गांव के लोगों द्वारा बहिष्कृत किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने गुड्डू, यशवंत, सुंदर, रुपसींग, प्रताप, बसंत, तारा, धर्मेंद, रामसवरुप, बैजनाथ, रमाकांत, गोपाल, महेश, किशन, इंद्रराज, दयाराम, रामदास, दशरथ, बलवंत, मुन्ना, भगवानदास, हरिनारायण, झामसींग, किशोरी, गजराज, खेमचंद पर जाति से बंद कर मानहानि करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने फरियादी का शिकायत आवेदन लेकर इसकी जानकारी की दी। पुलिस मामले की जांच करेगी।
पीडि़तों का कहना है कि समाज के बताए अनुसार वह दंड भुगत चुका है। इसके बाद भी समाज के लोगों द्वारा परेशान किया जा रहा है। पुलिस से कार्रवाई करने की मांग की है। पीडि़तों का कहना है कि यदि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो उनका गांव में रहना दुश्वार हो जाएगा। क्योंकि सामाजिक लोग उनके हर कार्य में रोड़ा बन रहे हैं।
Published on:
10 Aug 2017, 3:18 PM IST
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