80 करोड़ की ठगी मामले में पंचायत मंत्री के बेटे के खिलाफ वारंट
बसंत उपाध्याय ही कंपनी का कार्यालय खोलकर ठगी करता था। उसके निशाने पर शासकीय सेवा निवृत्त कर्मचारी रहते थे। उसने रायसेन में यशवंत नगर स्थित श्रद्धा-सबूरी कमोडिटीज प्राइवेट लिमिटेड नाम से दफ्तर खोला था....
सागर(रायसेन).पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव के बेटे अभिषेक के खिलाफ चिटफंड कंपनी के जरिए सैकड़ों लोगों से 80 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अभिषेक भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष और श्रद्धा-सबूरी कमोडिटीज प्राइवेट लि. नाम की चिटफंड कंपनी में डायरेक्टर है। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश रायसेन तृप्ती शर्मा ने 21 सितंबर को अभिषेक भार्गव के साथ ही दो डायरेक्टरों पंकज कुमार और दीपक गाबां के खिलाफ वारंट जारी करते हुए इन्हें 19 अक्टूबर को पेश करने के आदेश दिए। एक डायरेक्टर बसंत उपाध्याय पहले से जेल में है।
पंकज और दीपक हरियाणा के सिरसा जिले में रहते हैं। हालांकि अभी तक पुलिस ने इस दिशा में कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है। भार्गव के रसूख के चलते पुलिस ने सिर्फ बसंत उपाध्याय को आरोपी बनाया था, लेकिन अदालत में गिरफ्तार आरोपी और पीडि़तों के बयान के आधार पर अभिषेक को भी आरोपी मानते हुए यह निर्देश जारी किए गए।
क्या है मामला
अभिषेक भार्गव और अन्य तीन लोगों ने मिलकर श्रद्धा-सबूरी कमोडिटीज प्राइवेट लिमिटेड नाम की वित्तीय (चिटफंड) कंपनी बनाई। कंपनी के कर्ताधर्ताओं ने रायसेन, भोपाल और सागर के सैंकड़ों लोगों से 30-30, 40-40 हजार रुपए जमा कराए। इस तरह लोगों को उनकी रकम दोगुना करने का लालच देकर लगभग 80 करोड़ रुपए की चपत लगाई गई।
बसंत उपाध्याय ही कंपनी का कार्यालय खोलकर ठगी करता था। उसके निशाने पर शासकीय सेवा निवृत्त कर्मचारी रहते थे। उसने रायसेन में यशवंत नगर स्थित श्रद्धा-सबूरी कमोडिटीज प्राइवेट लिमिटेड नाम से दफ्तर खोला था और फिर रातोंरात ताला लगाकर फरार हो गया। लोगों ने रायसेन के कोतवाली थाने में बसंत के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
वह अकेले रायसेन से ही 20 करोड़ रुपए बटोर कर भागा था। उसके साथ इस मामले में नितिन बलेचा और जितेंद्र सिंह चौहान को भी आरोपी बनाया गया था, जो अभी भी फरार है। पुलिस ने उसे 6 अक्टूबर 2015 को भोपाल से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में राजेश कुमार और विंध्येश्वरी नायक के बयानों में अन्य लोगों के नाम भी सामने आए।
कौन है बसंत उपाध्याय
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर का रहने वाला बसंत उपाध्याय 30 साल पहले रायसेन में रहने आया था। वह इस मामले में मुख्य आरोपी है। उसके पिता बीएम उपाध्याय कृषि विभाग में उप निदेशक थे। आठ साल पहले उनकी मौत हो चुकी है। बसंत ने भोपाल से एमबीए किया है और सबसे पहले रीयल बाजार के नाम से चिटफंड कंपनी खोली थी।