
सागर. प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास मिशन (पीएमएवायजी) में भले ही सागर जिला देश भर में टॉप कर रहा हो, लेकिन जमीनी स्तर पर चौंकाने वाली जानकरी सामने आई है। हितग्राहियों को आवास निर्माण कराने के लिए तैयार करने में जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के हाथ-पैर फूलने लगे हैं । हितग्राहियों को राशि जारी करने में जल्दबाजी जिम्मेदारों को सिरदर्द बनकर सामने आई है । क्योंकि जिले में ११०० से ज्यादा हितग्राही शासन द्वारा जारी पहली किस्त की राशि से आवास निर्माण करने की जगह किसी अन्य जगह व्यय कर चुके हैं, जिसे वसूलने में अब पंचायत विभाग को पसीना आ रहा है ।
विभागीय जानकारी के अनुसार जिले के सभी ११ ब्लॉकों में 28 हजार 527 हितग्राहियों को 40 हजार रुपए की पहली किस्त जारी की गई थी । जिसमें से महीनों बाद भी ११७९ हितग्राहियों ने आवास निर्माण का काम शुरू नहीं किया है । इसमें शासन द्वारा जारी की गई 4 करोड़ 71 लाख 60 हजार रुपए की राशि हितग्राहियों के पास फंस कर रह गई है। इसमें यह कहा जा रहा है कि कुछ हितग्राही तो गांव छोड़कर भाग गए हैं और कुछ ने आवास निर्माण की यह राशि किसी अन्य कार्य में उपयोग कर ली है । चूंकि यह सभी हितग्राही आर्थिक रूप से कमजोर हैं, इसलिए इनसे राशि निकालना मुश्किल हो रहा है ।
ब्लॉकवार डिफाल्टर की स्थिति
1- देवरी- १४१
2- बीना- १३९
3- जैसीनगर- १३१
4- मालथौन- १२४
5- सागर- ११८
6- खुरई- १०६
7- केसली- ९३
8- शाहगढ़- ९२
9- राहतगढ़- ८०
10- रहली- ७९
11- बंडा- ७६
(कुल ११ ब्लॉक में ११७९ हितग्राही जिला पंचायत की डिफाल्टर की सूची में शामिल हैं।)
एेसा नहीं है कि विभाग के द्वारा ढील डाली गई है, जिन हितग्राहियों के द्वारा निर्माण कार्य शुरू नहीं किए गए हैं उनको चिन्हित कर लिया गया है और लगातार डिफाल्टर्स की संख्या घट रही है। माह के अंत तक सभी के निर्माण शुरू करा दिए जाएंगे ।
प्रद्मुन छिरोलिया, जिला प्रभारी, आवास मिशन
Published on:
25 Dec 2017 04:53 pm
बड़ी खबरें
View Allसागर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
