
मुहली के जंगल में घंटे भर चली मुठभेड़ के बीच पुलिस ने कुख्यात अपराधी को किया गिरफ्तार
सागर. केसली-गौरझामर क्षेत्र में दहशत फैलाकर आपराध करने वाले कुख्यात बदमाश बृजेश पुत्र जगत ङ्क्षसह ठाकुर को पुलिस ने मुहली के जंगल से बुधवार तड़के गिरफ्तार कर लिया। बृजेश ने पुलिस की घेराबंदी से बच निकलने के लिए दो गोली दागीं लेकिन पुलिस टीम ने जवाब में फायरिंग करते हुए उसे दबोच लिया। दहशतगर्दी फैलाकर बृजेश लोगों से वसूली करता था। पुलिस दो साल से बृजेश की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही थी लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ रहा था। उस पर हत्या, जानलेवा हमले, लूट, अड़ीबाजी, अपहरण, मारपीट, आम्र्स एक्ट सहित 43 अपराध जिले में छह थानों में दर्ज हैं। जिले की सीमा से सटे नरसिंहपुर, रायसेन और विदिशा जिले के कुछ क्षेत्रों में भी बृजेश ने दहशत फैला रखी थी।
जिलाबदर भी हो चुका है बृजेश -
जानकारी के अनुसार बृजेश सिंह ठाकुर निवासी सरखेड़ा पर 1999 से जिले के पांच थानों में संगीन मामलों में अपराध दर्ज हैं। उस पर 2015 में रासुका और 2013 में जिलाबदर की कार्रवाई भी की जा चुकी है। तीन माह पहले जुलाई में केसली में बृजेश ने जमकर उत्पात मचाया था। थाने के सामने केबिनेट मंत्री की मौजूदगी में चल रहे एक कार्यक्रम से कुछ ही दूरी पर उसके द्वारा लोगों को भयभीत करने के लिए हवाई फायरिंग भी की गई थी। तब से पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी लेकिन वह जिले की सीमा छोड़कर भूमिगत हो गया था। उसके मोबाइल और लोकेशन भी बदलती रहने से पुलिस उसे पकड़ नहीं पा रही थी।
बुधवार तड़के गूंजा मुहली का जंगल -
एसपी अमित सांघी ने बताया कि पुलिस टीम को मंगलवार शाम को बृजेश सिंह ठाकुर के मुहली के जंगल के रास्ते जिले में दाखिल होने की सूचना लगी थी। बृजेश ने कुछ दिन पहले गौरझामर के एक व्यक्ति को जान से मारने की धमकी भी दी थी। अनुमान के चलते रात में ही केसली, महारापुर और गौरझामर थानों से पुलिस टीम तैयार कर मुहली के जंगल में तैनात की गईं। एएसपी विक्रम ङ्क्षसह और एसडीओपी अजीत पटेल इस ऑपरेशन के दौरान जंगल में मौजूद रहे। टीम को बुधवार तड़के 4 बजे बृजेश नजर आया तो घेराबंदी कर ली गई। भनक लगने पर बृजेश ने देशी कट्टे से दो गोलियां दागीं लेकिन तीसरी गोली लोड न होने पर वह भागने लगा। इस दौरान मुहली का जंगल घंटे भर तक रह-रह कर हो रही फायरिंग से गूंजता रहा। सूत्रों के अनुसार पुलिस एनकाउंटर करने की तैयारी में थी लेकिन आखिरी समय बृजेश उनके इरादे भांप गया और पकड़ में आ गया।
घने जंगल में बिछाई गई थी बिसात -
एक मामले में बृजेश द्वारा गौरझामर निवासी एक व्यक्ति पर प्रकरण में समझौते का दबाव बनाया जा रहा था। वह आए दिन मोबाइल पर कॉल कर पीडि़त को जान से मारने की धमकी दे रहा था। उसकी बढ़ती जुर्रत को देखते हुए एसपी अमित सांघी द्वारा एएसपी विक्रम ङ्क्षसह परिहार के नेतृत्व में एसडीओपी देवरी अजीत पटेल, टीआई गौरझामर आशाराम अहिरवार, टीआइ केसली एमके जगेत और महाराजपुर थाना प्रभारी चंद्रजीत यादव की टीम बनाकर कुख्यात बदमाश की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। टीम द्वारा सागर-नरसिंहपुर और दमोह जिले की सीमा पर मुहली के जंगल में बृजेश को दबोचने की योजना तैयार की गई क्योंकि अकसर इस क्षेत्र में सक्रिय रहता था।
अमरकंटक के आश्रमों में छिपने का अंदेशा -
पुलिस को पूछताछ में बृजेश द्वारा बताया गया कि वह दो साल से सागर जिले से बाहर रहा है। वह अमरकंटक क्षेत्र में स्थित कई आश्रम में ठहरा रहा। हांलाकि पुलिस उसकी इन बातों को निराधार और भ्रामक मान रही है क्योंकि उसके रहन-सहन, मोबाइल और स्थिति को देख किसी मददगार के उसके साथ होने का अनुमान अधिकारी लगा रहे हैं। बताया जाता है कि बृजेश के पास से पुलिस को छह सिम कार्ड मिले हैं। वह इन्हीं सिम कार्ड को बदल-बदल कर लोगों को कॉल करता था ताकि पुलिस आसानी से उसकी लोकेशन ट्रेस न कर पाए।
Published on:
06 Nov 2019 10:29 pm
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