
Police worker Nirog Sankalp Agnihotra
अग्निहोत्र से निरोग बनाने की पहल में जुटा पुलिस जवान
नौकरी से बचे समय का करता है सदुपयोग, 10 लोगों को जोडऩे का तय किया है लक्ष्य अब तagक 100 लोग जुड़े
सागर. कहते हैं पुलिस की नौकरी सबसे व्यस्त होती है। न तो अवकाश और न ही कोई समय, लेकिन इसके बाद भी जिले का एक पुलिसकर्मी पर्यावरण/प्रकृति को शुद्ध करने और लोगों को रोगों से मुक्त करने के लिए दिन-रात मेहतन कर रहा है। खुरई एसडीओपी कार्यालय में पदस्थ हेड कांस्टेबल अरविंद सिंह लंबे समय से पंचगव्य के अलग-अलग प्रकार से प्रयोग कर रहे हैं। इसके बाद अब वे अग्निहोत्र से 10 हजार लोगों को जोडऩे के लिए मेहनत कर रहे हैं।
अरविंद का कहना है कि अग्निहोत्र वह प्रक्रिया है जिससे मानव शरीर तो रोग मुक्त होता ही है, लेकिन साथ ही यह प्रकृति के लिए भी फायदेमंद है।
पर्यावरण को शुद्ध करने, दुधारू पशुओं के साथ खेती के लिए भी लाभदायक है। अरविंद ने बताया कि अग्निहोत्र क्रिया पांचों तत्वों (भूमि, गगन, वायु, अग्नि, जल) को प्राप्त करने का साधन है। रंग, रूप, स्वर, गंध व स्पर्श से इन पांचों तत्वों को प्राप्त किया जा सकता है। सभी जीव जन्तु व पेड़ पौधे भी इन्हीं पांच तत्वों से बने हुए हैं।
अग्निहोत्र पांच तत्वों की उर्जा को एक साथ प्रदान करता है। अग्निहोत्र से हमें एथीलीन ऑक्साइड व प्रापलिन ऑक्साईड, बीटा प्रापियो ऑक्साइड, फार्मेडिहाइर्ड गैसें प्राप्त होती है।
अग्निहोत्र के लाभ: अरविंद का कहना है कि अग्निहोत्र से बच्चों की शारीरिक मानसिक विकास होता है। परिवार के आत्मिक शांति व सौहाद्र्रपूर्ण वातावरण लाने में सहायक है। अग्निहोत्र से उर्जा को बढ़ाकर तनाव दूर किया जा सकता है। अग्निहोत्र से फेफडों व खून की सफाई करने सहायता मिलती है। अग्नि होत्र से उत्सर्जित होने वाली प्रापलिन आक्साईड गैस बारिश लाने में सहायक है। अग्नि होत्र से उत्सर्जित होने वाली एथीलीन ऑक्साईड गैस से वायुमंडल शुद्व होता है।
मानव स्वास्थ्य के लिए
बच्चों की शारीरिक मानसिक विकास में। परिवार के आत्मिक शांति व सौहाद्र्रपूर्ण वातावरण लाने में। तनाव दूर करने में। निरोगी जीवन प्राप्त करने में। फेफडों तथा रक्त की सफाई करने में। भस्म को खाने से संपूर्ण शरीर की सफाई करने में।
पशुओं के लिए
दुधारू पशुओं का दूध बढ़ाने में। पशुओं के पेट की कृमि को दूर करने में।
फसल उत्पादन के लिए
कृषि भूमि को मुलायम करने में। भूमि की उर्वरता बढ़ाने में। फसल को सूक्ष्म पोषक तत्वों की पूर्ति करने में। फसल को पाले से बचाने में। जैविक खाद्यान को सुरक्षित करने व गुणवत्ता बढ़ाने में।
अग्निहोत्र के लिए जरूरी सामग्री
ठ्ठ पिरामिड नुमा ताम्र पात्र, साइज ऊपरी भाग की लंबाई 14.5 चौडाई 14.5, गहराई 6 सेमी, निचला भाग की लंबाई 5.25 सेमी, चौडाई 5.25 सेमी। ठ्ठ गाय के गोबर से बने हुए कंडे ठ्ठ गौ घृत गाय के दूध से बना हुआ घी। ठ्ठ धान। नोट- अग्निहोत्र क्रिया के लिए जानकार से संपर्क करें क्योंकि इसको करने का एक तय समय और विधि होती है।
Published on:
30 Jul 2019 04:06 pm
बड़ी खबरें
View Allसागर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
