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हाईटेंशन लाइन के टावर पर जान देने चढ़ा था किसान, समझाइश के बाद नीचे उतर रहा तो चक्कर खाकर गिर गया 

परिवार की भूख नहीं देख सका तो जाना देने हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ा किसान लोगों व अधिकारियों की समझाइश पर मान तो गया लेकिन जैसे ही वह नीचे उतरने का प्रयास करने लगा तो वह चक्कर खाकर टावर के उपर से ही गिर गया। 

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Widush Mishra

May 07, 2016

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सागर.बुन्देलखण्ड में सूखे के हालत के चलते बेबस किसान के हाल बत से बत्तर हो चले हैं। आलम यह हैं की गरीबी और भुखमरी के चलते किसान हाई टेंशन टॉवर पर चढ़कर मौत को गले लगाने पर आमादा है। सागर जिले के समनापुर गाँव में गरीबी की मार झेल रहा किसान हाई टेंशन टॉवर पर चढ़ गया। प्रशासन ने हाई टेंशन लाइन बन्द करवाई और तीन घण्टे की लोगों और प्रशासन की समझाइश के बाद किसान टॉवर से उतरा। इसी दौरान वह चक्कर खाकर टॉवर से गिर गया। घायल किसान को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।

जबलपुर से कराई लाइन बंद
हाईटेंशन लाइन के टॉवर पर चढ़ा किसान महेश चढ़ार को लोग और प्रशासन समझाइश देकर टॉवर से उतरने की कह रहे थे। दरअसल महेश समनापुर गाँव का छोटामोटा किसान है। अपने भूखे परिवार के हालात किसान बर्दाश्त ना कर सका और वह हाई टेंशन टॉवर पर चढ़ गया। स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी प्रशासन को दी प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर हाई टेंशन लाइन जबलपुर से बन्द करवाई।

चक्कर खाकर ऊपर से ही गिरा किसान
तीन घण्टे की प्रशासन और लोगों की समझाइश के बाद किसान टॉवर से उतरने तैयार हुआ। लेकिन वह जैसे ही टावर से उतरने का प्रयास कर रहा था तभी अचानक से उसे चक्कर आ गया। तपती धूप में भूखे पेट टावर पर चड़ा किसान इतना कमजोर हो चुका था कि वह अपने आप को संभाल नहीं सका और चक्कर खाकर जमीन पर आ गिरा। गिरने से घायल हुए किसान को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया।

2 एकड़ में चल रहे तीन परिवार
किसान महेश और उसकी पत्नि हीरा की माने तो वह शासन की योजनाओ के लाभ से वंचित हैं। तीन भाईयों का परिवार मात्र 2 एकड़ जमीन के भरोसे चल रहा है। हालत भुखमरी जैसे हो चुके हैं। गरीब हैं लेकिन गरीबी रेखा की सूची में नाम तक नहीं है। सरकारी राशन दुकान से नमक भी नही मिलता। अपनी दो बेटियों और दो बेटों के साथ पत्नि की भुखमरी की स्थिति देखकर वह आत्म हत्या करने के लिए हाई टेंशन टॉवर पर चढ़ा था।

बेटी नहीं हैं मुख्यमंत्री की लाड़ली
किसान की पत्नि हीरा का कहना है कि उसकी बेटी प्रदेश की लाड़ली भी नही है क्योंकि उसका लाड़ली लक्ष्मी योजना का कार्ड प्रशासन ने नहीं बनवाया है। उसकी परेशानी यह है की वह अपने बच्चों को खाना तक नहीं खिला पा रही है इसलिए उसके पति आत्महत्या करने की कोशिश कर रहे हैं।

किसान का राशन कार्ड क्यों नही बना, परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ क्यों नही मिल रहा है इसकी हम जांच करेंगे। पीडि़त टॉवर से गिरने के कारण घायल हुआ जिसे इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया है।
दीपक चौरसिया, नायव तहसीलदार

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