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सरकारी स्कूलों में 16 जनवरी से शुरू हो रही प्रीबोर्ड परीक्षा, सी और डी ग्रेड के विद्यार्थियों की नहीं लग रही रेमेडियल क्लास

सागर. सरकारी स्कूलों में परीक्षा काउंटडाउन शुरू हो गया है। 16 जनवरी से स्कूलों में प्रीबोर्ड परीक्षाएं शुरू होनी है, इसके बाद फरवरी माह में बोर्ड परीक्षा शुरू होंगी। परीक्षा की तैयारी के लिए स्कूलों में कमजोर विद्यार्थियों के लिए रेमेडियल कक्षाएं लगाई जानी है।

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सागर

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Reshu Jain

Jan 05, 2025

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जेडी ने किया स्कूलों का निरीक्षण, रेमेडियल क्लास नहीं लगी मिली तो मॉनीटरिंग के दिए निर्देश

सागर. सरकारी स्कूलों में परीक्षा काउंटडाउन शुरू हो गया है। 16 जनवरी से स्कूलों में प्रीबोर्ड परीक्षाएं शुरू होनी है, इसके बाद फरवरी माह में बोर्ड परीक्षा शुरू होंगी। परीक्षा की तैयारी के लिए स्कूलों में कमजोर विद्यार्थियों के लिए रेमेडियल कक्षाएं लगाई जानी है। स्कूल के अतिरिक्त समय में पढ़ाई कराई जानी है, लेकिन स्कूलों में कक्षाएं समय पर नहीं लगाई जा रही है। स्कूल प्राचार्यों ने रेमेडियल कक्षाएं शुरू करने के लिए कोई समय सारणी ही तय नहीं है। नियमित रूप से रेमेडियल क्लास संचालित ना होने से जिला शिक्षा अधिकारियों को सतत मॉनीटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।

शाम 4 बजे ही बच्चे चले गए घर

जेडी मनीष वर्मा ने बताया कि हाल में ही उन्होंने शासकीय स्कूल गोपालगंज, बंडा ब्लॉक में छापरी स्कूल, उदयपुरा और शासकीय स्कूल बालक ढाना शाला का निरीक्षण किया। गोपालगंज स्कूल में निरीक्षण के लिए सुबह पहुंचे, तब प्राचार्य का कहना था कि कक्षाएं रेमेडियल कक्षाएं शाम को संचालित की जा रही है। जब शाम को टीम ने स्कूल का निरीक्षण किया तो शाम 4 बजे ही बच्चे घर जा चुके थे। उन्होंने बताया कि सभी स्कूलों में लगभग एक समान स्थिति मिली। जिन स्कूलों का निरीक्षण किया उन स्कूलों के प्राचार्यों को नोटिस जारी किया गया है।

रिजल्ट सुधारने होगी मॉनीटरिंग

जेडी वर्मा ने बताया कि छुट्टियों के बाद सोमवार से स्कूल खुल रहे हैं। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लगातार स्कूलों की सतत मॉनीटरिंग करें। यही वह समय है जब कक्षाओं और कोर्स पर नजर रखकर रिजल्ट में सुधार करवाया जा सकता है। रेमेडियल कक्षाएं इसलिए शुरू की गई थी ताकि स्कूल में उन बच्चों को लाभ मिल सके जिनके गणित या साइंस विषय कमजोर हैं और पिछली कक्षाओं में इन विषयों में नंबर कम आए हैं। यह देखते हुए इन बच्चों के लिए अतिरिक्त समय में रेमेडियल कक्षाएं आयोजित करवाई गई थीं, लेकिन इनकी अब तक मॉनीटरिंग नहीं हो रही थी। अब लगातार मॉनीटरिंग कराई जाएगी।