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RTE नि:शुल्क प्रवेश का मामला,निजी स्कूलों ने नहीं कराया बच्चों का आधार लिंक

आरटीई के नि:शुल्क प्रवेश का मामला, भुगतान करने का कहा तो की आनाकानी

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सागर

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Samved Jain

Feb 17, 2018

Private schools do not provide children's support link and verificatio

Private schools do not provide children's support link and verificatio

सागर. शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूल में प्रवेश दिलाने के एवज में निजी स्कूल नियमों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। नि:शुक्ल प्रवेश वाले बच्चों की फीस भुगतान के लिए निजी स्कूलों को बच्चों का आधार लिंक करने के साथ ही बच्चे को पढ़ाए गए नोट्स, उसकी अटेंडेंस रजिस्टर सहित कई साक्ष्य भी देने होंगे। इन नियमों के कारण अभी तक एक भी स्कूल ने फीस भुगतान का दावा नहीं किया है। २८ फरवरी तक स्कूलों को बच्चों की जानकारी देनी है और मार्च तक उन्हें भुगतान करना है।
विभाग द्वारा पिछले करीब दो महीने पहले आरटीई के तहत फीस भुगतान के संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। फरवरी के अंत तक सभी स्कूलों से आरटीई के तहत पढऩे वाले बच्चों का प्रपोजल दिए गए फार्मेट में भरकर ऑनलाइन जमा करना था। लेकिन आधार व सत्यापन की अन्य प्रक्रियाओं के चलते अभी तक एक भी स्कूल ने प्रपोजल में बच्चों की जानकारी सब्मिट नहीं की है। मार्च के अंत तक भुगतान करना है। लेकिन स्कूल द्वारा भुगतान की इस प्रक्रिया का अब विरोध किया जाने लगा है। इस संबंध में निजी स्कूल के संचालकों ने कलेक्टर को ज्ञापन भी सौपा है।
अधार लिंक नहीं तो दूसरे भी उपाय
जिस बच्चे का आधार लिंक नहीं हो पा रहा है वह प्रारूप -१ के अनुसार १० रुपए का स्टाम्प पेपर पर शर्तो के अनुसार सूची संलग्न कर सकते हैं। सत्यापन में नोडल अधिकारी स्कूल जाकर उक्त सत्र में क्लास की उपस्थिति पंजी, परीक्षा परिणाम, आईसीसीई कार्ड, अभ्यास पुस्तिका, अभिभावक शिक्षक संघ आदि के रिकार्ड में बच्चे की उपस्थिति मिलान किया जाएगा। विभाग द्वारा पहले चरण में कम से कम ५० प्रतिशत बच्चों का रिकार्ड अपडेट कर उनकी राशि जारी करने का लक्ष्य रखा गया है, इसके बाद शेष बचे बच्चों की फीस का भुगतान होगा।
200 अधिकारियों
की है जिम्मेदारी
शिक्षा के अधिकार के तहत वर्ष २०१६-१७ में जिले की ३९७ निजी स्कूलों द्वारा ३ हजार ७५ बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश दिया गया। विभाग द्वारा इन स्कूलों को ६ से ७ करोड़ रुपए का भुगतान करना है। स्कूलोंं के सत्यापन के लिए जिले के बीआरसी, प्राचार्य, प्रधानाध्यापक सहित करीब २०० नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। स्कूलों द्वारा प्रपोजल सब्मिट करने के बाद संबंधित स्कूल के नोडल अधिकारी के मोबाइल पर मैसेज आएगा, जिसके बाद वह स्कूल में जाकर भुगतान पूर्व बच्चों और उनके दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन करेगा।
नोडल अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण
निजी स्कूलों को आरटीई के तहत भुगतान के पहले नोडल अधिकारियों को स्कूल में जाकर बच्चों का भौतिक सत्यापन करना होगा, कि बच्चे उक्त स्कूल में पढ़ रहे हैं या नहीं। इसके अलावा सत्यापन के लिए किए जाने वाले दस्तावेज और अनय प्रक्रियाओं की जानकारी के लिए १५ फरवरी को एक प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया। मकरोनिया स्थित डाइट कार्यालय में जिले भर के सभी नोडल अधिकारियों को एपीसी आरसी मिश्रा और प्रोग्रामर कमलेश चढ़ार ने प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रशिक्षण दिया।