29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

खरीद केंद्रों पर बरसाती से ढकते रहे उपज, तेज बारिश से परिसर तरबतर

खरीद केंद्रों पर बरसाती से ढकते रहे उपज, तेज बारिश से परिसर तरबतर
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सागर

•

image

Manish Kumar Dubey

•

Updated: 5 Jun 2020, 5:20 PM IST

खरीद केंद्रों पर बरसाती से ढकते रहे उपज, तेज बारिश से परिसर तरबतर

खरीद केंद्रों पर बरसाती से ढकते रहे उपज, तेज बारिश से परिसर तरबतर

जैसीनगर और रीछई केंद्र में 3000 चना की बोरियां बारिश से भीगी

जैसीनगर. कृषि उपज मंडी मे संचालित जैसीनगर और रीछई चना खरीदी केंद्रो में समय से परिवहन न होने के कारण चना की हजारों बोरियां भींग गईं। यह उपज खुले में रखी थी जो बुधवार से शुरू हुई बारिश गुरुवार तक होने से भींग गईं। तेज बारिश से किसान और केंद्र प्रभारी बरसाती तक का इंतजाम नहीं कर पाए। इस दौरान कुछ थोड़ी बहुत उपज को बचाने का जतन प्रभारी करते रहे।
वह किसानों का कहना है कि बारदाना न होने के कारण हम लोगों की चने तुलाई नहीं हो पाई और हम लोगों की ट्रॉलियों में रखा चना भी बारिश के पानी से गीला हो गया है।
वही रीछई चना खरीदी केंद्र के प्रभारी केंद्र के प्रभारी राजकुमार दीक्षित ने बताया कि बारिश से चना की बोरियां नीचे से गीली हो गई है उनको बदलवाने का काम कर रहे है बारिश के पानी से लगभग 700 बोरियां नीचे से गीली हो गई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समय से परिवहन नहीं हो रहा है। 10 दिन से चना खुले में रखा है।
इसके साथ ही जैसीनगर मंडी में जैसीनगर चना उपार्जन केंद्र मे भी खुले में बोरियां रखी गई थी ।जैसीनगर और रीछई केंद्र का मिलाकर कुल 3000 चना की बोरियां बारिश के
पानी से गीली हो गई।
वहीं दोपहर में जैसीनगर तहसीलदार एलपी अहिरवार ने खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि केंद्र के बाहर खुले में रखे चने की बोरियों मे कुछ में बरसाती तो डाल दी गई है लेकिन कुछ चने की बोरियों में नुकसान हुआ है।
इसके साथ ही केंद्र प्रभारी को निर्देशित किया है कि चने की तुली हुई बोरियों को छलनी लगाकर और ऊपर से बरसाती डाल कर रखें और इसके साथ ही परिवहन करने वाले ठेकेदारों को भी फोन द्वारा सूचित कर दिया है कि जल्द परिवहन करें।
तिरपाल से ढकते रहे पर नहीं बच पाया गेहूं
राहतगढ.़ क्षेत्र में बुधवार देर रात से हो रही बारिश से खरीदी केंद्रों में भी पानी भर गया जिससे बाहर पड़ा गेहूं ,चना भीग गया। शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं चना की खरीदी के बाद उपज खुले में पड़ी है जो भीग गई है। अग्रवाल वेयर हाउस में एक सप्ताह से तुलाई के लिए खड़े किसान अपने वाहन लेकर घर जाते दिखे। उन्होंने कहा कि तुलाई नहीं हो पा रही है और अनाज भी खराब हो रहा है इसलिए घर जाना ही उचित है। नागरिक आपूर्ति निगम यदि समय पर परिवहन करता तो यह स्थिति नहीं आती। खरीद केंद्रों पर हजारों बोरी गेहूं खराब हो गई और शासन को भी करोड़ों रुपए का नुकसान होने से बच जाता। केंद्र संचालकों का कहना है कि बाहर रखी बोरियों पर तिरपाल पन्नी से ढाक दिया था लेकिन तेज बारिश होने से पानी भर गया। ग्राम कृषि उपज मंडी चौधरी वेयर हाउस, अग्रवाल वेयरहाउस, ऐरण मिर्जापुर, पीपरा, झिला, भैंसा सहित अन्य खरीदी केंद्रों पर हजारों गेहूं की बोरियां भीगी रखी हैं।