
Rain rained from the sky, damage to crops
बीना. ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार की दोपहर हुई ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई गांवों में पंद्रह से बीस मिनट तक पचास ग्राम वजन तक के ओले गिरे, जो दो घंटे तक भी नहीं घुले। किसानों को उम्मीद थी कि इस वर्ष फसल अच्छी है और अच्छा उत्पादन होगा, लेकिन मौसम की मार से उम्मीदों पर पानी फिर गया है। तहसीलदार ने कुछ ग्रामों में पहुंचकर फसलों की स्थिति देखी।
दोपहर में अचानक तेज गरज और चमक के साथ एक दर्जन से ज्यादा गांवों में ओलावृष्टि शुरू हो गई, जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्राम रुसल्ला, हिन्नौद में करीब पंद्रह से बीस तक ओले गिरे, जिनका वजन पचास ग्राम तक का था। बड़े आकार के ओला होने के कारण दो घंटे तक पूरी तक घुल नहीं पाए थे। ग्राम गिरोल, धनौरा, बेलई, बिलाखना, लहटवास, हड़कल जैन, सेमरखेड़ी, बेरखेड़ी माफी सहित अन्य गांवों में ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है।
टूट गईं गेहूं की बालियां
ओला गिरने से गेहूं फसल की बालियां टूट गई हैं और सरसों के दाने पूरी तरह झड़ गए हैं। साथ ही जिन किसानों की चना, मसूर की फसल खड़ी है, उसे भी नुकसान पहुंचा है। रुसल्ला के शिवम ठाकुर ने बताया कि ओले बढ़े आकार के थे और फसल में जहां भी लगे, वहां से फसल टूट गई और फलियां भी झड़ गई हैं। पकी फसल पर ओले गिरने से नुकसान ज्यादा हुआ है।
रुक-रुक का बारिश रही जारी
दोपहर से शुरू हुई बारिश रुक-रुक कर होती रही, जिससे खेतों में कटी पड़ी फसल का दाना खराब हो जाएगा। कृषि उपज मंडी में आए किसानों को उपज बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। बरसाती डालने के बाद भी उपज भीग गई।
कराया जाएगा सर्वे
हिन्नौद, रुसल्ला सहित अन्य गांवों की फसलों का निरीक्षण किया गया है, लेकिन अभी नुकसान का पता नहीं चल रहा है और खेत गीले होने के कारण अंदर भी नहीं जा पा रहे हैं। खेत सूखने के लिए सर्वे कराया जाएगा, जिसमें नुकसान आंकलन हो पाएगा।
जीएस पटेल, तहसीलदार, बीना
Published on:
17 Mar 2023 09:35 pm
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