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बांध से करीब 10 हजार एकड़ पर होती है सिंचाई

- तीन गांव के लोग मंूग की फसल के लिए उठाते हैं बांध से पानी, लगभग 1500 एकड़ पर बोई जाती है मूंग की फसल, 14 गंाव के किसान आ रहे दायरे में

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Rajghat Dam

बांध से करीब 10 हजार एकड़ पर होती है सिंचाई

सागर. राजघाट बांध को लेकर सनसनीखेज जानकारी सामने आ रही है। बांध से क्षेत्र के करीब 14 गांवों में लगभग 10 हजार एकड़ की जमीन को सिंचाई के लिए पानी का उठाव किया जा रहा है। आलम यह है कि तीसरी फसल के लिए करीब तीन गांवों में मूंग की फसल बोई जाती है जिसका अनुमानित रकबा लगभग 1500 के आसपास बताया जा रहा है। यह फसल क्षेत्र के किसान फरवरी माह के बाद बोते हैं और पूरी गरमी के मौसम में बांध से सिंचाई के लिए पानी का उठाव करते हैं।

ये गांव करते हैं बांध के पानी का उपयोग
पनारी, सेमरा गोपालमन, झुझारपुरा, हिन्नौद, महुआखेड़ा, गढ़ौली, बेरखेड़ी मढि़या, सींगना, बिलहरा, मूडऱा, बरौदा, सोठिया, घूघर, हिनौता, अगरा, गोंसरा समेत अन्य ग्रामों के किसान बांध से पानी का उठाव करते हैं।


मूंग की तीसरी फसल को रोकने का प्रयास
निगमायुक्त अनुराग वर्मा ने राजघाट बांध को लेकर बड़ा निर्णय लिया और समय पर जिला प्रशासन को बांध से तीसरी फसल उगाने के प्रयास में जुटे किसानों को रोकने के लिए कार्रवाई शुरू करने के लिए पत्र लिखा। निगमायुक्त वर्मा ने तहसीलदार को पत्र लिखकर कहा कि बांध का जो क्षेत्र डूब में आता है उसको मुआवजा किसानों को पहले ही दिया जा चुका है लेकिन जैसे ही बांध खाली होता है तो किसान उसमें फसलें उगाने लगते हैं। उन्होंने कहा कि राजघाट बांध पूरी तरह से पेयजल परियोजना है जिसमें सिंचाई कार्य शुरुआत से ही प्रतिबंधित है। निगमायुक्त ने कहा कि बांध से लगे गांवों में यह सूचना जारी की जाए कि राजघाट से सिंचाई के लिए पानी का उठाव न करें।

फैक्ट फाइल (अनुमानित)
- 14 गांवों के किसान उठाते हैं बांध से पानी
- 10 हजार एकड़ से ज्यादा में होती है बांध से सिंचाई
- 5 हजार के लगभग किसान कर रहे बांध से सिंचाई
- 540 किसानों की जमीन आई थी डूब में
- 1700 एकड़ के लगभग जमीन थी किसानों की
- 1700 एकड़ के ही लगभग थी शासकीय जमीन