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तो अब इस तरह से रोके जाएंगे सड़क हादसे, हर यात्री को जानना है जरूरी

विभाग ने कमर्शियल वाहनों में लगाए जाने वाले स्पीड गवर्नर को लेकर नए दिशा-निर्देश भारी कर दिए हैं।
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सागर

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Sanjay Sharma

Feb 22, 2018

Road accidents will be stopped like this

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सागर. स्कूल बस हादसे के बाद स्पीड गवर्नर से छेड़छाड़ की स्थिति सामने आने पर परिवहन विभाग ने व्यवस्था को और ठोस बनाने की कवायद शुरू की है। इसके तहत विभाग ने कमर्शियल वाहनों में लगाए जाने वाले स्पीड गवर्नर को लेकर नए दिशा-निर्देश भारी कर दिए हैं। अब वाहनों में उनके मॉडल के अनुसार रजिस्टर इलेक्ट्रॉनिक गवर्नर ही लगाए जा सकेंगे।
इन स्पीड गवर्नर को सील कर वाहनों पर सेट करने के बाद अनलॉक नहीं किया जा सकेगा। जिले में १५ हजार से ज्यादा कमर्शियल वाहनों पर परिवहन कार्यालय द्वारा स्पीड गवर्नर लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा अक्टूबर २०१५ के बाद बाजार में आने वाले वाहनों पर कंपनियां निर्माण के समय ही गवर्नर लगाकर देने लगी हैं, लेकिन गवर्नर लगाना अब तक केवल दिखावा ही साबित हो रहा था। अधिकांश वाहनों पर फिटनेस कराने के दौरान गवर्नर लगाकर दिखाए जाते और बाद में उन्हें हटा दिया जाता या फिर स्पीड अनलॉक कर दी जाती थी। जिससे गवर्नर लगाने का उद्देश्य की खत्म हो रहा था।

स्कूल बसों में सामने आई मनमानी
इंदौर में स्कूल बस दुर्घटना के बाद जिले में आरटीओ द्वारा चैकिंग शुरू की गई थी। इस दौरान २०० से ज्यादा स्कूल बसों में स्पीड गवर्नर लगे तो मिले थे, लेकिन इनमें से करीब २५ अनलॉक कर दिए गए थे। एेसे में इन वाहनों की फिटनेस जांच के दौरान आरटीेओ के निर्देश पर सेट की गई स्पीड से अधिक स्पीड पर वाहन चलाए जा रहे थे।

नई गाइडलाइन में हुए बदलाव
आरटीओ प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया परिवहन विभाग की नई गाइड लाइन के अनुसार अब वाहनों पर इलेक्ट्रॉनिक गवर्नर लगाए जाएंगे। ये ऑटोमैटिक होंगे जिससे उन्हें अनलॉक नहीं किया जा सकेगा। हर मॉडल के लिए अलग स्पीड गवर्नर निर्धारित होंगे जिससे उनका मनमाने ढंग से एक से ज्यादा वाहन पर उपयोग नहीं किया जा सकेगा। स्पीड गवर्नर बेचने वाले व्यवसायी को भी परिवहन विभाग से सर्टिफिकेट लेना होगा और गवर्नर लगाने के बाद उसे रोटो सील करना होगा।

यह भी किया जरूरी
स्पीड गवर्नर लगाने के बाद निर्माता व डीलर का नाम, व्यवसाय संबंधी प्रमाण पत्र, वाहन का मॉडल व टाइप एप्रूवल सर्टिफिकेट नंबर,स्पीड गवर्नर टेस्ट रिपोर्ट, स्पीड गवर्नर में सेट की गई स्पीड लिमिट, रफ्तार नियंत्रक फिटमेंट सहित अन्य निर्धारित जानकारियों को परिवहन विभाग के पोर्टल पर भी अपलोड करना होगा। इसके बाद ऑनलाइन क्यूआर कोड के साथ फिटमेंट सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।

स्पीड गवर्नर से छेड़छाड़ की स्थिति को देखते हुए नए बदलाव किए गए हैं। विभाग ने अब कड़ी व्यवस्था तय की है जिसके चलते वाहन पर लगने वाले स्पीड गवर्नर को अब अनलॉक नहीं किया जा सकेगा। -प्रदीप कुमार शर्मा, आरटीओ सागर