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Sagar News: 28 साल की उम्र में अपराध, 65 की उम्र में गिरफ्तारी; 22 साल से शहर में ही काट रहा था फरारी

37 Year Old Case: सागर में 37 साल पुराने मामले के स्थायी वारंटी को गोपालगंज पुलिस ने किया गिरफ्तार, धारदार हथियार से हमला करने का था आरोप, कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा।
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police arrests accused in 37 year old case after 22 years, पुलिस की गिरफ्त में आरोपी (Source- Patrika)

Sagar 37 Year Old Case: कानून के हाथ भले ही लंबे कहे जाते हैं, लेकिन कभी-कभी इन हाथों को मुकाम तक पहुंचने में दो दशक से ज्यादा का वक्त भी लग जाता है। ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के सागर जिले से सामने आया है। यहां थाना गोपालगंज पुलिस ने एक 37 साल पुराने मामले में 22 साल से फरार चल रहे स्थाई वारंटी को पकड़ा है। जिस वक्त आरोपी ने अपराध किया था तब उसकी उम्र 28 साल थी और अब जब वो 65 साल का हो चुका है तब पुलिस उसे गिरफ्तार कर पाई है।

22 साल तक फरार आरोपी गिरफ्तार

आरोपी का नाम संजय सिंह पुत्र अवध बिहारी सिंह (65) है। वह वर्तमान में विदिशा नगर आजाद मोहल्ला मकरोनिया में रह रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार संजय ने जब अपराध किया, तब उसकी उम्र 28 साल थी। लंबे समय से लंबित वारंटों और पुराने मामलों के निपटारे को लेकर गोपालगंज पुलिस लगातार एक्शन मोड में थी। इसी कड़ी में पुलिस ने अपने सूचना तंत्र और मुखबिरों को फिर से एक्टिव किया। मुखबिर से मिली एक सटीक और पुख्ता सूचना ने पुलिस को सीधी राह दिखाई। मकरोनिया स्थित शांतिविहार कॉलोनी तक पहुंचा दिया। पुलिस ने गिरफ्तारी के कारण से अवगत कराते हुए हिरासत में लिया और तुरंत उसके परिजन को इसकी आधिकारिक सूचना दी।

धारदार हथियार से किया था हमला

मामला गोपालगंज के तहत दर्ज प्रकरण क्रमांक 896/2003 और लगभग 37 साल पुराने 1989 के अपराध क्रमांक 342/1989, धारा 324, 506 भादवि से जुड़ा है। न्यायालय की ओर से इस पर स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। हैरानी की बात यह है कि आरोपी पिछले 22 सालों से शहर की सीमा के भीतर ही कहीं मौजूद रहकर अपनी फरारी काटता रहा, लेकिन स्थानीय पुलिस और सुरक्षा तंत्र की नजरों से ओझल रहने में कामयाब रहा। अपराधी भी अपने उस पुराने गुनाह को लगभग भुला बैठा था, तब जाकर पुलिस को अपराधी की याद आई। अब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक वैज्ञानिक और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।