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खिमलासा में सड़क चौड़ीकरण का काम अटका, अधिग्रहित जमीन पर अब भी खड़े मकान

2017 में भू-अर्जन और मुआवजा वितरण के बावजूद नहीं हटे निर्माण, रोज लग रहा जाम, हादसों का बढ़ा खतरा, चौबीसों घंटे निकलते हैं भारी वाहन
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Road widening work stalled in Khimlasa; houses still standing on acquired land

वर्तमान में इस स्थिति में है सड़क। फोटो-पत्रिका

बीना. खिमलासा में वर्षों से लंबित सड़क चौड़ीकरण का मामला फिर चर्चा में है। वर्ष 2017 में सडक़ विस्तार के लिए निजी भूमि का अधिग्रहण कर मुआवजा दिए जाने के बावजूद अधिग्रहित जमीन पर बने मकान अब तक नहीं हटाए गए हैं। इससे प्रमुख चौराहे पर रोज जाम की स्थिति बन रही है और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल अतिक्रमण हटाकर सडक़ चौड़ीकरण शुरू कराने की मांग की है।
खिमलासा का मुख्य चौराहा क्षेत्र का सबसे व्यस्त मार्ग माना जाता है। इसी रास्ते से बीना रिफाइनरी के लिए पेट्रोल, डीजल और गैस से भरे टैंकरों के अलावा बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और अन्य भारी वाहन गुजरते हैं। सड़क संकरी होने के कारण वाहनों का दबाव बढऩे से दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि सबसे अधिक चिंता स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। खिमलासा और आसपास के गांवों के करीब 3500 छात्र-छात्राएं प्रतिदिन इसी मार्ग से पैदल, साइकिल और बसों के माध्यम से स्कूल आते-जाते हैं। चौराहे के आसपास प्राथमिक और हायर सेकंडरी स्कूल भी संचालित हैं। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही और संकरी सडक़ बच्चों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर रही हैं। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि एमपीआरडीसी की स्वीकृत ड्राइंग में सड़क चौड़ीकरण के साथ डिवाइडर और दोनों ओर नालियों का निर्माण भी किया जाना था, लेकिन वर्षों बाद भी कार्य नहीं हुआ है। प्राकृतिक जल निकासी का रास्ता इसी चौराहे से होने के कारण बारिश के दौरान जलभराव की समस्या हो जाती है। वहीं, रविवार को लगने वाला साप्ताहिक हाट बाजार यातायात व्यवस्था को और प्रभावित करता है।

तत्काल कार्रवाई करने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से अधिग्रहित भूमि पर बने मकानों को तत्काल हटाने, राजस्व विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने व एमपीआरडीसी के माध्यम से सडक़ चौड़ीकरण और नाली निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट की शरण ली जाएगी।