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कटरा बाजार में सड़क को ही बना डाला पार्किंग

जिसे जहां समझ आया वहां अपना वाहन खड़ा कर दिया

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Road built in the Katra market only

Road built in the Katra market only

सागर. ये है तीन बत्ती-कटरा बाजार। शहर का दिल। हालात कई साल से ज्यों के त्यों। बेतरतीब खड़े वाहन। जिसे जहां समझ आया वहां अपना वाहन खड़ा कर दिया। वह भी तब जब पुलिस द्वारा इन दिनों सड़क सुरक्षा सप्ताह चलाया जा रहा है। स्कूल, कॉलेज से लेकर अन्य जगह लोगों को सड़क सुरक्षा के तहत जागरूक तो किया जा रहा है, लेकिन इसका धरातल पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। इसका उदाहरण यह तस्वीर है। तीन बत्ती से कटरा बाजार, जामा मस्जिद की ओर सड़क के दोनों ओर बेतरतीब वाहन खड़े हैं। कुछ लोगों ने तो इस मार्ग को चारपहिया वाहनों का स्थाई पार्किंग स्थल तक बना लिया है, लेकिन पुलिस, निगम व जिला प्रशासन हाथ पर हाथ रखे बैठा है।
एक साल में १.२८ करोड़ का जुर्माना, फिर भी वाहन चालक नियमों को दिखा रहे ठेंगा
सागर. ट्रैफिक को सुधारने के लिए पुलिस अभियान चलाकर समझाइश और जुर्माने की कार्रवाई कर रही है। इससे पुलिस का राजस्व तो बढ़ रहा है लेकिन शहर की यातायात व्यवस्था ज्यों की त्यों बदहाली का शिकार है। पिछले एक साल में ट्रैफिक पुलिस विभिन्न मदों में १.२८ करोड़ रुपए का जुर्माना विभिन्न कार्रवाइयों के दौरान वसूल किया है जो कि वर्ष २०१७ से १२ लाख रुपए से भी ज्यादा है। लेकिन जिस व्यवस्था को सुधारने के लिए जुर्माने की कार्रवाई कर राशि वसूल की गई उससे परिवर्तन नजर नहीं आ रहा है।
इस अवधि में जिले में ३२ हजार से ज्यादा वाहनों ने नियमों की अनदेखी की। किसी को ट्रैफिक पुलिस ने नो एंट्री से पकड़ा तो कोई पाबंदी के बाद भी नो पाॢकंग जोन या बीच सड़क पर खड़ा मिला। यानी लगातार हिदायत और कार्रवाई के बाद भी लोगों ने ट्रैफिक नियमों का पालन करने जागरुकता नहीं दिखाई है। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों की मानें तो पिछले साल 201८ में जनवरी से अगस्त माह के बीच ३२,५४१ वाहनों से ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने पर १,२८,०३,५०० रुपए का जुर्माना वसूल किया था। जबकि इससे पहले 201७ में २८,३७५ वाहनों से १,१५,९३,५०० रुपए जुर्माने के रूप में वसूल किए गए थे। इस तरह ट्रैफिक के प्रति लोगों की नासमझी से पिछले साल के मुकाबले करीब दो हजार अधिक यानी ४१६६ वाहनों से जुर्माना राशि जमा कराई गई है।
शहर के ट्रैफिक की स्थिति दिन ब दिन बदतर होती जा रही है। सड़कों पर लगातार निजी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साधनों की संख्या का दबाव बढऩे से जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। नियमित निगरानी न होना बड़ी वजह
सड़क पर बदहाल ट्रैफिक, नियम का उल्लंघन कर दौड़ते वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए नियमित निगरानी और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में सख्ती ही व्यवस्था में सुधार तय कर सकती है। केवल त्यौहारों की तरह अवसर विशेष पर अभियानों की रस्मअदायगी शहर के ट्रैफिक को पटरी पर लाने में सक्षम नहीं है। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी भी यह बात स्वीकार करते हैं लेकिन कभी वीआइपी ड्यूटी, बल की कमी उन्हें भी सुस्त कर देती है।
&लोगों को व्यवस्था को सुधारने के लिए नियमों का पालन करना चाहिए। जहां ट्रैफिक पॉइंट नहीं दिखता लोग वहीं नियम तोडऩे लगते हैं। लगातार अभियान और जागरूकता कार्यक्रम चलाकर समझाइश दे रहे हैं ताकि सुधार हो।
संजय खरे, डीएसपी ट्रैफिक