
Road to be built in one and a half years and ROB in two years
सागर. मकरोनिया चौराहा से बहेरिया चौराहा तक की सड़क निर्माण का कार्य डेढ़ साल में पूरा होगा जबकि मकरोनिया रेलवे कॉसिंग पर प्रस्तावित आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) दो साल में बनकर तैयार होगा।
निर्माण एजेंसी को मार्च-2018 में वर्क ऑर्डर जारी किया गया था। इसके मुताबिक मार्ग चौड़ीकरण व सड़क निर्माण का कार्य सितंबर-2019 और आरओबी मार्च-2020 में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रोजेक्ट करीब एक दशक से चल रहा है जो अंतत: अब शुरू हो पाया है। मकरोनिया चौराहा से बहेरिया चौराहा तक मार्ग की लंबाई करीब पांच किलोमीटर है। इसका कार्य भी तेज गति से चल रहा है, जिससे लोगों को सुविधा होगी।
डेढ़ किलोमीटर का रहेगा आरआेबी
एनएच-86 होने के कारण रोड डिवाइडर की सुविधा इस मार्ग पर नहीं रहेगी
आई आकार में आरओबी करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा होगा। एनएच के अधिकारियों का कहना है कि आरओबी निर्माण में कोई खास परेशानी नहीं आएगी, क्योंकि रेलवे कॉसिंग के दोनों ओर पर्याप्त जगह है। खास बात यह है कि आई शेप का आरआेबी होने के कारण राहगीरों को राहतगढ़ बस स्टैंड वाले आरओबी के जैसे परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मकरोनिया से बहेरिया वाला मार्ग एचएच-86 होने के कारण रोड डिवाइडर की सुविधा इस मार्ग पर नहीं रहेगी।
इसलिए समय पर पूरा हो सकता है प्रोजेक्ट
इस मार्ग के निर्माण में अतिक्रमण से जुड़ी बड़ी चुनौती नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि चौड़ीकरण को लेकर जो अतिक्रमण सामने आया था उसको पिछले दिनों हटा चुके थे। वर्तमान में पेड़ों की कटाई चल रही है। छुटपुट अतिक्रमण ही हटाने है। प्रोजेक्ट के समय पर पूरा होने की पूरी उम्मीद है।
थम जाते हैं पहिये
सागर से जबलपुर, दमोह, छतरपुर, कटनी, टीकमगढ़ समेत अन्य जगहों के लिए प्रतिदिन सैकड़ों बसें, चार व दोपहिया वाहन इस मार्ग से निकलते हैं। मकरोनिया रेलवे कॉसिंग पर फाटक बंद होने की स्थिति में दस मिनट में ही रेलवे लाइन के दोनों ओर बड़ी संख्या में वाहनों की लाइन लग जाती है। विशेषज्ञों की मानंे तो असली चुनौती तब खड़ी होगी जब आरओबी और सड़क निर्माण का कार्य शुरू होगा, क्योंकि इस मार्ग पर यातायात का दबाव ज्यादा है।
Updated on:
18 Sept 2018 09:50 am
Published on:
18 Sept 2018 09:50 am
