
नाला-नालियों में गंदगी और पानी निकासी की व्यवस्था न होने शहर की सडक़ें और गलियां जलमग्न हो गईं।
गलियों में भरा पानी, कच्ची व निर्माणाधीन सडक़ों पर कीचड़ बना परेशानी
सागर. बारिश ने जहां पूर्व तैयारियों की पोल खोल दी वहीं गुरुवार को हुई बारिश ने नगर निगम के सफाई व स्वच्छता अभियान पर सवाल खड़े कर दिए। नाला-नालियों में गंदगी और पानी निकासी की व्यवस्था न होने शहर की सडक़ें और गलियां जलमग्न हो गईं। कच्ची व निर्माणाधीन सडक़ों पर कीचड़ लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है। वहीं वर्षों से उपेक्षा का शिकार साईं वाटिका कॉलोनी में कच्ची सडक़ पर लोगों का निकलना दूभर रहा। तिली व तहसीली क्षेत्र की आधा दर्जन कॉलोनियों में पानी जल भराव से लोग नगर निगम के विकास कार्यों को कोसते रहे।
इन कॉलोनियां में पानी निकासी की समस्या
वैशाली नगर, यादव कॉलोनी, स्नेह नगर, बालक कॉम्पलेक्स, बालक हिल व्यू, द्वारिका बिहार, मधुवन, श्रीराम नगर, अहमद नगर, वि_लनगर, गुरु गोविंद सिंह वार्ड, वर्धमान कॉलोनी, रविशंकर वार्ड की गलियां जलमग्न रहीं।
रात 8.30 बजे तक डेढ़ इंच बारिश
तीन दिनों से आसमान में छाए बादल बरस नहीं रहे थे लेकिन दोपहर करीब 1 बजे बारिश शुरू हुई तो रुक-रुक कर देर रात तक जारी रही। रात 8.30 बजे तक करीब डेढ़ इंच बारिश दर्ज की गई। गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री कम 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं देर रात तक बारिश का दौर जारी रहा। इस सीजन में अब तक 161.7 मिमी दर्ज की जा चुकी है।
ट्रफ लाइन से आज भी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी सागर जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से एमपी में स्ट्रॉन्ग सिस्टम है। इससे जिले में भी बारिश की संभावना है।
यहां साईं वाटिका के 160 परिवार गांव जैसा जीवन जीने मजबूर-
भोपाल रोड स्थित सांई वाटिका कॉलोनी के करीब 160 परिवार 16 साल से पक्की सडक़ मांग रहे हैं लेकिन आज तक किसी ने सुध नहीं ली। मुख्य सडक़ से 1.5 किमी की एप्रोच रोड सालों से खस्ताहाल में हैं। रोड पर गड्ढे और कीचड़ होने से स्कूल बसें अंदर नहीं जातीं और यहां से महिलाओं-बच्चों व बुजुर्गों का पैदल चलना मुश्किल हो जाता है।
2008 में नगर निगम को हैंडओवर हो चुकी कॉलोनी
साईं वाटिका कॉलोनी के पुष्पेंद्र सिंह यादव, राम दुबे, मनीष सोनी, आशुतोष दुबे, दामोदर विश्वकर्मा, विजय यादव, राजकुमार साहू, दीपेश शुक्ला, विनय दुबे, रामदास अग्निहोत्री, आयुश शर्मा, दीपेश दुबे, दीपक दुबे, मनु बड़ौनिया, रूचि दुबे, रचना तिवारी, मुकेश तिवारी आदि लोगों ने बताया कि 2008 में कॉलोनाइजर ने नगर निगम को हैंडओवर कर दी थी लेकिन आज भी यहां के लोग नारकीय जीवन जी हैं। खाली प्लाॅट वाले मकान बनाने से डर रहे हैं।
जल भराव की समस्या के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है, मुझे बसंत विहार कॉलोनी में नाला के जर्जर चेंबर की सूचना मिली थी, मैं स्वयं वहां गया और कर्मचारियों को निर्देशित कर व्यवस्थाएं कराईं। बारिश में कचरा की वजह से नालियां चोक हो जाती हैं। जहां दिक्कत हो रहीं हैं उन स्थानों को चिंहित कर व्यवस्थाएं की जा रहीं हैं।
राजकुमार खत्री, नगर निगम आयुक्त।
Updated on:
07 Jul 2024 04:25 pm
Published on:
05 Jul 2024 08:42 pm
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