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खुले आसमान के नीचे खेत में रखी बोरियां डूबी रही पानी में, गेहूं हो गया अंकुरित

चबूतरा खाली होने के बाद भी जमीन में रखी हुई थीं बोरियां

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Sacks kept in the field submerged in the water under the open sky

Sacks kept in the field submerged in the water under the open sky

बीना. पूर्व से तैयारियां न होने के कारण हर वर्ष समर्थन मूल्य खरीदी केन्द्र पर गेहूं खराब होता है और इस वर्ष भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। बारिश के कारण सबसे ज्यादा नुकसान गढ़ा पड़रिया समिति पर हुआ है और यहां गेहूं अंकुरित हो गया है। इसके बाद भी लापरवाही जारी है।
गढ़ा पड़रिया समिति पर करीब चार हजार बोरियां खुले आसमान के नीचे रखी हुई थीं। रविवार की रात से हुई बारिश के बाद करीब एक हजार बोरियां पानी भी भीग गई और इसमें करीब छह सौ बोरियां पानी में डूब गई थीं, जिससे नीचे कीचड़ हो गया था। मंगलवार दोपहर जब कीचड़ में दबी बोरियां को बाहर निकाला गया तो गेहूं का अंकुरण बोरियों के ऊपर आ गया है। बारिश में खराब हुई बोरियों को तत्काल खोलकर सुखाया जाना था, लेकिन बोरियों की चबूतरा पर छल्ली लगा दी गई हैं, जिससे गेहूं पूरी तरह खराब हो जाएगा और यही गेहूं वेयरहाउस भेज दिया जाएगा। समिति प्रबंधक विजय रावत ने बताया बुधवार को मौसम साफ होने के बाद गेहंू को सूखने के लिए डाला जाएगा। अभी सुरक्षित रखने के लिए उसकी छल्ली लगाई जा रही हैं।
पहले नहीं रखा गया सुरक्षित
जिस जगह तौल हो रही है वहां एक पक्का चबूतरा बनाया गया है और यह चबूतरा खाली है, लेकिन उसपर बोरियों को लगवाने के बजाय जमीन में रखी रहने दीं। यदि समय पर बोरियों को सुरक्षित कर दिया गया तो सैकड़ों क्विंटल गेहूं खराब नहीं होता।
किसानों के गेहूं की नहीं हो पाई तौल
25 मई तक गेहूं की खरीदी होनी है, लेकिन अभी तक सभी किसानों का गेहूं नहीं खरीदा गया है और बताया जा रहा है कि सिर्फ गढ़ा पड़रिया समिति के ही करीब सौ किसान गेहूं की तौल कराने रह गए हैं। अन्य समितियों पर भी अभी तौल बाकी है। समितियों पर बारदाने की कमी भी बताई जा रही है।
सुरक्षित जगह पर रखवाया जा रहा है गेहूं
जो बोरियां भीगी हैं उन्हें सुरक्षित जगह पर रखवाया जा रहा है और बाद में उनका बारदाना बदला जाएगा, जिससे गेहूं खराब न हो।
प्रकाश नायक, एसडीएम, बीना