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सजा बरकरार रहने पर आरोपी ने खाया जहर,हत्या के केस में था आरोपी, सदमा नहीं कर सका बर्दाश्त

हत्या के केस में था आरोपी, सदमा नहीं कर सका बर्दाश्त

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The accused ate the poison while retaining the punishment

The accused ate the poison while retaining the punishment

सागर. हत्या के १८ साल पुराने प्रकरण में हाईकोर्ट द्वारा सजा बरकरार रखे जाने पर जेल जाने से पहले मंगलवार रात एक आरोपी युवक ने जहर खाकर जान दे दी। जैसीनगर के औरिया गांव का निवासी मोहर सिंह ठाकुर मंगलवार को घर से कोर्ट में पेश होने के लिए निकला था। वह कोर्ट परिसर तक पहुंचा, जहां आधार कार्ड-परिचय पत्र छूट जाने पर वकील ने उसे अगले दिन आने का कहकर घर भेज दिया था। यहां से निकलने के बाद रात में उसने बांदरी के पास एक ढाबे पर होने और जहर खाने की खबर स्वयं मोबाइल पर अपने औरिया और मेहर-हनौता में रहने वाले अपने बहनोई को दी। परिजन उसे ढूंढते हुए जब पहुंचे तो उसकी हालत बिगड़ चुकी थी। गंभीर हालत में उसे बीएमसी लाया गया लेकिन तब तक मौत हो गई थी।
मोहर (३०), साल २००४ में औरिया में हुई हत्या के एक मामले में आरोपी था। स्थानीय न्यायालय से उम्रकैद होने के बाद वह अन्य आरोपियों के साथ जेल चला गया। उसके परिजनों ने हाईकोर्ट में अपील कर दी थी। सुनवाई होने और हाईकोर्ट का निर्णय आने के बाद वह कई साल की सजा भी काट चुका था। घर में एक वैवाहिक आयोजन होने के कारण वह जमानत पर आया था। इस बीच हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट द्वारा सजा के आदेश को यथावत रखने का आदेश सुना दिया।
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट में अपील अथवा पेश होने के लिए चार सप्ताह का समय दिया था। लेकिन मोहर सिंह जेल जाने से घबरा रहा था। वह जेल में मिलने वाले भोजन और वहां की व्यवस्थाओं को लेकर बेचैन था। बांदरी के पास जहर खाने के बाद उसे परिजन गंभीर हालत में सागर लाए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने मौत के बाद बुधवार सुबह शव को पोस्टमार्टम कराते हुए परिजनों को सौंपकर मामला जांच में लिया है। उधर परिजनों ने भी मोहर सिंह की मौत पर कोई संदेह नहीं जताया है।

गांजे की खेती करने वाले को 5 साल की कैद
सागर. खेत में अवैध रूप से गांजे की खेती करने वाले आरोपी को न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट राजर्षि श्रीवास्तव ने ५ साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों को 10 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अपर लोक अभियोजक राम अवतार तिवारी ने बताया कि 22 जुलाई 2013 को बीना थाना क्षेत्र के ग्राम रुसल्ला में एक खेत में अवैध तरीके से गांजा लगाने की सूचना मिली थी।
पुलिस ने सूचना मिलने के बाद रुसल्ला निवासी रमेश पिता घनश्याम साहू के घर के पीछे की ओर बने खेत में छापेमारी करते हुए खेत में लगे पौधों को देखा तो यहां अन्य पौधों के साथ गांजे की खेती भी की जा रही थी। पुलिस ने गांजे की जब्ती और जांच के बाद आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट ने साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी को सजा सुनाई। एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 (१) (ए) के तहत 5 साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।