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सागर लोकसभा- 1951 से अब तक 12 सांसद सागर विधानसभा क्षेत्र से ही चुने गए

लोकसभा चुनाव इतिहास के झरोखे से- सिर्फ 4 बार नगर के बाहर से चुने गए एमपी, इस बार कांग्रेस ने बीना निवासी को दिया है मौका, क्या मिथक टूटेगा

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LoksabhaElection

सागर. सागर लोकसभा क्षेत्र के 68 साल के इतिहास में सिर्फ चार बार सागर नगर के बाहर के प्रत्याशी को सांसद चुना गया है। शेष सभी सांसद सागर विधानसभा यानि सागर नगर से चुने गए। इस बार कांग्रेस ने संसदीय क्षेत्र के बीना विधानसभा निवासी प्रभु सिंह को उम्मीदवार बनाया है, एेसे में अब यह चर्चा भी आरंभ हो गई है कि, क्या इस बार यह मिथक टूटेगा और सागर नगर के बाहर का प्रत्याशी सांसद चुनाव जाएगा। बुंदेलखंड की महत्वपूर्ण संसदीय सीट सागर का अपना इतिहास रहा है। 1967 से अजा वर्ग के लिए आरक्षित रही सीट 2009 में परिसीमन के बाद सामान्य वर्ग के लिए घोषित की गई है। इस लोकसभा क्षेत्र से यह मिथक जुड़ा है कि, यहां से अब तक सागर विधानसभा यानि सागर नगर से ही सांसद चुनते आए हैं। महज 4 बार 1971 व 1980 में कांग्रेस की सहोद्रा बाई राय, 1977 में रहली विधानसभा के ग्राम ढाना निवासी नर्मदा प्रसाद राय व 2009 में ग्राम बामोरा निवासी भूपेंद्र सिंह सांसद चुने गए। सहोद्रा राय मूल रुप से दमोह जिले की पथरिया विधानसभा के एक गांव की रहने वाली थीं, बाद में वे सागर जिले के ग्राम कर्रापुर में अपनी रिश्तेदार के यहां आकर बस गईं।

यहां के निवासी रहे हैं सांसद

1951 में पहले सांसद चुने गए खूबचंद सोधिया भागवानगंज वार्ड के निवासी थे। इसके बाद दो बार सांसद बने पं. ज्वाला प्रसाद ज्योतिषी कटरा वार्ड वर्णी कॉलोनी में रहते थे, यहीं पर इनका अपना समाचार पत्र विंध्यकेसरी का प्रेस भी था। भारतीय जनसंघ से एमपी बने रामसिंह अहिरवार काकागंज निवासी हैं। इसके बाद 1971 व 1980 में सहोद्रा बाई राय सांसद चुनी गईं। देश में आपातकाल के चलते 1977 में भारतीय लोकदल के प्रत्याशी नर्मदा प्रसाद राय जो कि, रहली विधानसभा के ग्राम ढाना निवासी थे, सांसद चुने गए। इसके बाद एक बार फिर नगर के व्यस्ततम इलाकों का नंबर आया और 1984 में भगवानगंज वार्ड निवासी नंदलाल चौधरी, 1989 में चकराघाट वार्ड निवासी शंकरलाल खटीक सांसद बने। इसके बाद 1991 में आनंद अहिरवार और 1996 से 2004 तक चकराघाट वार्ड निवासी वीरेंद्र खटीक लगातार सांसद रहे। क्षेत्र के परिसीमन के बाद 2009 में नरयावली विधानसभा के ग्राम बामोरा निवासी भूपेंद्र सिंह और 2014 में परकोटा वार्ड निवासी लक्ष्मीनारायण यादव सांसद चुने गए। सागर नगर के बाहरी प्रत्याशी को लेकर शहर में चर्चा का दौर आरंभ हो गया है। कहा जा रहा है कि, मिथक टूटने को ही बनते है।

ये हैं अब तक के सांसद

1951- खूबचंद सोधिया- कांग्रेस

1957- ज्वाला प्रसाद ज्योतिषी- कांग्रेस
1962- ज्वाला प्रसाद ज्योतिषी- कांग्रेस

1967- रामसिंह अहिरवार- भारतीय जनसंघ
1971- सहोद्रा बाई राय- कांग्रेस

1977- नर्मदा प्रसाद राय- भारतीय लोकदल
1980- सहोद्रा बाई राय- कांग्रेस

1984- नंदलाल चौधरी- कांग्रेस
1989- शंकर लाल खटीक- भाजपा

1991- आनंद अहिरवार- कांग्रेस
1996- वीरेंद्र खटीक- भाजपा

1998- वीरेंद्र खटीक- भाजपा
1999- वीरेंद्र खटीक- भाजपा

2004- वीरेंद्र खटीक- भाजपा
2009- भूपेंद्र सिंह- भाजपा

2014- लक्ष्मीनारायण यादव- भाजपा