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VIDEO बच्चों को बताया प्रार्थना तब साकार होती है जब इस तरह की जाए

सत्य साई सेवा संगठन ने आयोजित किया बाल विकास गुरु प्रशिक्षण शिविर

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Satya Sai Seva Sangh bal vikas Guru Training Camp Sagar Damoh

Satya Sai Seva Sangh bal vikas Guru Training Camp Sagar Damoh

प्रार्थना में बड़ी शक्ति होती है प्रतिदिन बच्चों को अभ्यास कराएं

सागर/दमोह. प्रार्थना में बड़ी शक्ति होती है। सुबह उठकर बच्चों को सबसे पहले -कराग्रे बसते लक्ष्मी, कर मध्ये सरस्वती, कर मूले तू गोविंदा प्रभाते कर दर्शनम को कराने का नियमित अभ्यास कराएं। इसका प्रभाव बेहद मंगलकारी होता है। बचपन में की गई प्रार्थना बच्चों का जीवन बदल देती है।

इसी उद्देश्य के साथ भगवान श्री सत्य साई बाबा ने बाल विकास कक्षाओं की शुरुआत की थी। यह कक्षाएं आज देश के साथ विदेशों मॅ भी निःशुल्क रूप से संचालित की जा रहीं हैं। इस कार्य में बाल विकास गुरु लगातार सकारात्मक कार्य कर रहें हैं। यह उद्गार प्रदेश बाल विकास प्रमुख डॉ अपर्णा तिवारी ने नए बाल विकास गुरुओं के प्रशिक्षण के दौरान व्यक्त किए।
सत्य साई सेवा संगठन ने रविवार को नगर के करीबी ग्राम इमलाई में संतोष पटेल पिता लल्लू पटेल के आवास पर यह आयोजन किया गया।

पहले सत्र की शुरुआत में दीप प्रज्जवलन के साथ संगठन के मार्गदर्शक आरबी उपाध्याय ने कहा कि सत्य साई सेवा संगठन बाल विकास के जरिए शहर से लेकर गांव तक बच्चों में सत्य, सदाचरण, शांति, प्रेम और अहिंसा का संचार कर रहा है।

पुनीता उपध्याय ने कहा कि मौन में बड़ी शक्ति होती है पर मौन विरोध वाला न हो। मौन भी सब कुछ कह सकता है। जीवन में मौन के साथ किया गया जप और ध्यान काफी प्रभाव कारी होता है। नीता मोहगांवकर ने तत्काल बाल विकास की कक्षा का एक डेमो देते हुए बताया कि प्रार्थना, कहानी, कथन, सामूहिक गतिविधियां, पेरेन्टिंग आदि के जरिए भी सकारात्मक बदलाव बच्चों में आते हैं।

स्मिता फड़नवीस ने विभिन्न प्रकार के खेलों को आयोजित कर बताया कि यदि बच्चों को केवल पढ़ाई ही कराते रहेंगे तो वे बोर हो जाएंगे ऐसे में खेल बौद्धिक विकास को जरूरी होते हैं। करुणा गुरु ने भी हम होंगे कामयाब गीत काे सिखाया ताकि बच्चों में संबल प्राप्त हो। डॉ हेमलता रिछारिया ने कहानी और उसमें कथन पर जोर देकर बताया कि यदि माता पिता बच्चों को कहानी सुनाते हैं तो वह अच्छा प्रभाव छोड़ती है। इस दौरान बीके गुरु ने बताया कि पेरेंटिंग के बिना गुरु के कार्य अधूरे होते हैं। संगठन के जिलाध्यक्ष राकेश कुर्मी ने बताया कि कार्यशाला में 20 नए एवं 10 पुराने गुरुओं समेत 70 सदस्यों ने भाग लिया। जो गांव-गांव जाकर नई कक्षाएं शुरू करेंगे। कायर्क्रम का संचालन करते हुए समिति संयोजक मुकेश कुमार दुबे एडवोकेट ने कहा कि हर बच्चे में कुछ-न-कुछ खास होता है गुरु को बस तराशना पड़ता है। नए गुरु ऐसा करने में अब सफल होंगे।

इस दौरान सतीश गुप्ता, चेनसिंह, सरमन यादव, मलथूराम, रीतेश दुबे, रामविशाल, धर्मेन्द्र नामदेव, कीर्ति दुबे, अनुष्का दुबे, अंकिता चौरसिया, पूनम राजपूत, डॉली दुबे , महिमा कुर्मी ,अर्चना गुप्ता, रामकृष्ण पाराशर, महेन्द्र साहू आदि उपस्थित थे। संगठन के वरिष्ठ सदस्य धर्मेश्वर मिश्रा ने महामंगल आरती की।