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मप्र के इस शहर में छात्राएं कितनी हैं महफूज, पढ़ लीजिए क्या हैं उनके मन की बात

स्कूल-कॉलेज के बाहर स्थिति का जायजा लिया

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सागर

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Reshu Jain

Dec 16, 2017

Schoolgirl Flirting latest News in Hindi

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सागर. भोपाल में छात्रा से दुष्कर्म के बाद जिले में पुलिस द्वारा छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के लिए 15 दिन तक अभियान चलाया गया। स्कूल-कॉलेजों में जाकर आईजी से लेकर एसआई स्तर के अधिकारियों ने बेटियों की सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी बताया। जागरूक किया। मुश्किल हालात से निबटने के तरीके बताए। इसके बावजूद हालात कमोबेश पहले जैसे ही हैं। पत्रिका ने शुक्रवार को स्कूल-कॉलेज के बाहर स्थिति का जायजा लिया। एक्सीलेंस गल्र्स कॉलेज, एमएलबी स्कूल और एक्सीलेंस स्कूल के बाहर मनचलों को पाया तो छात्राओं को सहमा सा।
एक्सीलेंस गर्ल्स कॉलेज के बाहर ऑटो और चैम्पियन पर बैठकर कुछ मनचले आती-जाती लड़कियों को घूरते रहते हैं। गांव से कॉलेज आने के दौरान बस और ऑटो रिक्शा में ड्राइवर-कंडक्टर द्वारा 'बैड टच से भी सैकड़ों छात्राएं परेशान हैं। कुछ छात्राओं द्वारा महिला हेल्पलाइन पर शिकायत भी कई गई। एमएलबी स्कूल (क्र.१) और गर्ल्स कॉलेज के बाहर निर्भया पेट्रोलिंग नाम के लिए खड़ी होती है। लड़के लड़कियों को घूरते रहते हैं।
कॉलेज की छात्रसंघ अध्यक्ष नेहा जैन ने बताया कि अभियान के बावजूद निर्भया की गाड़ी खड़ी नहीं हो रही है। 10 हजार छात्राओं की सुरक्षा के लिए कॉलेज में कोई महिला पुलिस कर्मी नहीं है, जहां छात्राएं अपनी शिकायत कर सकें। पुलिस का स्कूल में अभियान के वल भोपाल से आए आदेशों को पूरा करना था।
321 स्कूल-कॉलेज में संवाद कार्यक्रम हुए
82000 के करीब छात्राएं शामिल
70के करीब अफसरों ने की संवाद में भागीदारी

छात्राओं का यह है कहना

कॉलेज के बाहर अब भी लड़के खड़े होकर छींटाकशी करते हैं। कमेंट करके हमें शर्मिंदा करते हैं। कई मनचले ऐसे भी हैं, जो रोजाना यहां खड़े होते हैं। ऐसे में पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
पल्लवी अहिरवार
निर्भया पेट्रोलिंग केवल नाम के लिए है, छात्राओं के हित के लिए कोई काम नहीं कर रही है। यहां केवल नाम के लिए खड़ी होती है। पुलिस को समय-समय पर राउंड लगाना चाहिए।
नेहा सोनी
कॉलेज के बाहर चाट के ठेले लग रहे हैं। धीरे-धीरे कॉलेज से एमएलबी स्कूल तक की जगह को घेर लिया है। ऐसे में उस रास्ते से निकलने में परेशानीहोती है।
शिवानी दुबे
कॉलेज के सामने पार्क में भले ही लड़के और लड़कियों का बैठना बंद हो गया है, लेकिन लड़के जहां-तहां खड़े होकर छींटाकशी अब भी करते हैं। पुलिस द्वारा न रोकने पर पार्क में सुबह से शाम तक बैठते हैं।
अनुप्रिया साहू

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संवाद कार्यक्रम जागरुकता के लिए चलाया है। धीरे-धीरे महिलाओं व समाज में जागरुकता आएगी व छेड़छाड़ जैसे अपराधों को लेकर लोग सजग हो रहे हैं। छात्राओं की झिझक टूटी है और वे शिकायत कर रही हैं।
सत्येन्द्र कुमार शुक्ल, एसपी