
swachh survekshan 2018
सागर. देश सहित शहर में भी स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 का काउंटडाउन शुरू हो गया है। इस बार पिछले वर्ष के प्रयासों के साथ ही कुछ नई पहल भी की जाएंगी। शहर की गली-गली में स्वच्छता के लिए नगर निगम प्रशासन इस बार शहर के सामाजिक संगठनों को एक-एक वार्ड गोद देगा और फिर वे संगठन वार्डों में पहुंचकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूककरेंगे। इससे रैंकिंग बढऩे की उम्मीद है।
शहर में एेसे कई संगठन हैं जो समाजसेवा के काम में आगे आकर कार्य कर रहे हैं। महापौर अभय दरे ने बताया कि स्वच्छता के प्रति सबकी जिम्मेदारी है। वार्डों को गोद देने के बाद इस बार निगम स्कूल में विद्यार्थियों व शिक्षकों की समितियां भी गठित करेगा ताकि ये समय-समय पर आसपास के क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरुक कर सकें। पिछले वर्ष ये दोनों प्रकार के प्रयास स्वच्छता सर्वेक्षण-2017 के तहत नहीं किए गए थे फिर भी शहर ने लंबी छलांग लगाकर देश के टॉप-25 स्वच्छ शहरों में अपनी जगह बना ली थी।
गाइडलाइन में है प्रावधान
स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 में स्वच्छता के ब्रांड एम्बेसडर के रूप में वार्डों में सामाजिक सरोकार से जुड़े लोगों को स्थान दिया जाना है। गाइडलाइन में इसके लिए निगम को 12 अंक भी मिल सकते हैं। ये एेसे प्रयास रहेंगे जिसमें निगम के अफसरों को सिर्फ स्मार्टनेस दिखाना है। साथ ही हर स्कूल में एक विद्यार्थी व शिक्षकों की समिति बनाना भी निगम प्रशासन के लिए जरूरी होगा। इस प्रकार की समिति बनाने पर उसे १२ अंक और मिल सकेंगे। इन छोटे-छोटे प्रयासों के जरिए ही निगम ४००० अंकों का फासला कम कर पाएगा और जितने ज्यादा अंक हासिल करेगा उतनी ज्यादा रैंकिंग प्राप्त करेगा।
शहर के सामाजिक, शैक्षणिक, इंजीनियर्स, वकील, डॉक्टर्स समेत अन्य संगठनों के पदाधिकारियों के साथ जल्द ही बैठक करेंगे। शहर के वार्डों को गोद देंगे। स्कूल्स में समितियां बनाएंगे। इस प्रकार कई नए प्रयास किए जाएंगे, ताकि इस बार रैंकिंग में और ज्यादा सुधार हो सके।
अभय दरे, महापौर सागर
Published on:
06 Nov 2017 08:09 pm
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