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चालीस वर्षों से चली आ रही बीना को जिला बनाने की मांग, शीघ्र की जाए पूरी

अधिवक्ता संघ ने सौंपा ज्ञापन, पंद्रह दिन से चल रहा है क्रमिक धरना

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The demand for making Bina a district

क्रमिक धरने का समर्थन कर बैठे अधिवक्ता

बीना. अधिवक्ता संघ ने बीना को जिला बनाने की मांग को लेकर बुधवार को राज्यपाल के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और गांधी चौराहे पर चल रहे क्रमिक धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि विगत 40 वर्षों से जिला बनाने की मांग चली आ रही है और चार-चार मुख्यमंत्री इसकी घोषण भी कर चुके हैं, लेकिन अभी तक जिला नहीं बन पाया है। जबकि बीना में रेलवे का बड़ा जंक्शन है और केन्द्र सरकार की अमृत योजना में शामिल है। वहीं, विकासखंड राजस्व क्षेत्र का अंतिम गांव उत्तर प्रदेश से लगा हुआ है, उस गांव से जिला मुख्यालय की दूरी करीब 150 किमी है, जिससे लोग परेशान होते हैं। वर्तमान में रिफाइनरी स्थित है और पेट्रोकेमिकल कांप्लेक्स बनाने 49 हजार करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है। इसके अलावा पावर ग्रिड, जेपी थर्मल पावर प्लांट सहित सबसे ज्यादा राजस्व देने वाली तहसील है, इसलिए बीना को अतिशीघ्र जिला घोषित करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में अध्यक्ष रविन्द्र जैन, सचिव राहुल माथुर, उपाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह कुर्मी, सहसचिव सूरजसिंह अहिरवार, कोषाध्यक्ष दीपक कुमार जैन, पुस्तकालय अध्यक्ष सौरभ बैरागी आदि शामिल हैं।

पंद्रह दिन से चल रहा क्रमिक धरना
गांधी चौराहे पर पंद्रह दिन से बीना का जिला बनाने, बीना नदी सिंचाई परियोजना में सभी गांवों को शामिल करने की मांग की जा रही है। अलग-अलग संगठन इस मांग का समर्थन कर रहे हैं।