
The first word came out after birth from Tulsidas's face
बीना. श्रीराम चरित्र मानस के रचियता गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती नगर में धूमधाम से मनाई गई। सुबह प्रभातफेरी और शोभायात्रा निकाली गई। साथ ही अन्य कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या मेंं श्रद्धालु शामिल हुए। श्रीराम मंदिर खिरिया वार्ड में जयंती धूमधाम से मनाई गई। सुबह पं. हरदेवप्रसाद टोंटे के सान्निध्य में शोभायात्रा निकाली गई जो सर्वोदय चौराहा, सिनेमा तिराहा, महावीर चौक, कच्चा रोड होते हुए मंदिर पर संपन्न हुई। जगह-जगह लोगों ने गोस्वामी तुलसीदास जी की पूजन की, श्रद्धालु श्रीरामनाम कीर्तन करते हुए चल रहे थे और पालकी में तुलसीदास जी की तस्वीर को रखकर श्रद्धालु पालकी कंधों पर लेकर चल रहे थे। इसके बाद दोपहर में मंदिर में गोस्वामी जी की पूजन की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पं. हरदेव प्रसाद टोंटे ने कहा गोस्वामी तुलसीदास जी का जब जन्म हुआ था तो उनके मुंह से पहला शब्द राम निकला था। उन्होंने 22 वर्ष की उम्र से श्रीराम नाम जप शुरू कर दिया था और 76 वर्ष की उम्र में श्रीराम चरित्र मानस लिखना शुरू किया था। तुलसीदास बाल्मीकि जी के अवतार हैं। तुलसीदास जी ने श्रीराम चरित्रमानस को सरल भाषा में लिखा, जिससे साधारण से साधारण व्यक्ति भी गाथा गा सकता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। तुलसीदास जी की शोभायात्रा में शामिल होने के लिए लोग सुबह से ही मंदिर पहुंचे थे।
प्रभातफेरी मंडल ने मनाई जयंती
राधे राधे प्रभात फेरी मंडल द्वारा प्रत्येक दिन सुबह प्रभातफेरी निकाली जाती है। आज प्रभातफेरी मंडल द्वारा भी गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
गायत्री शक्तिपीठ पर भी मनाई गई जयंती
मानस प्रचारणी रामायणी समिति द्वारा गायत्री शक्तिपीठ पर उनके व्यक्तित्व पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। पूजन, स्तुति के बाद यहां वक्ताओं ने तुलसीलदास जी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला।
Published on:
18 Aug 2018 10:00 am
बड़ी खबरें
View Allसागर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
