
मैनपानी के प्रोजेक्ट
छत्रसाल नगर कॉलोनी की तरह जांच हुई तो यहां भी सामने आ सकते हैं चौकाने वाले मामले
सागर.मैनपानी स्थित प्रधानमंत्री आवास एएचपी प्रोजेक्ट में भी जांच की जरूरत देखी जा रही है। यहां मात्र 70 से 80 परिवार ही रह रहे हैं, जबकि 504 हितग्राहियों को यह आवास आवंटित हो गए हैं। जांच हुई तो छत्रसाल नगर कॉलोनी की तरह यहां भी कई चौकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं। यहां भी कांग्रेस ने आवास आवंटन में धांधली के आरोप लगाए थे। वहीं जो परिवार अभी निवासरत हैं उन्हें मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रहीं हैं। वीरान पड़े आवासों में धांधली इस तरह की गई हैं कि नगर निगम को निर्माण एजेंसी के खिलाफ करीब 3 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाना पड़ा है।
मैनपानी के 9 हेक्टेयर के इस प्रोजेक्ट में करीब 117 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। यहां 504 इडब्ल्यू आवास, 48 एलआइजी भवन, 105 एमआइजी प्लॉट, 169 एलाइजी प्लॉट विकसित कर लिए गए हैं। चौड़ी सड़कें, संजीवनी क्लीनिक खोली जा चुकी है। करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी परिसर वीरान है, क्योंकि जिन्हें आवास आवंटित हुए वह रहने गए ही नहीं हैं। जबकि जरूरतमंद गरीब परिवार आज भी निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि अभी मैनपानी प्रोजेक्ट में जो परिवार निवासरत हैं, उनमें अधिकांश हितग्राही ही रह रहे है। हालांकि अपात्रों को आवास आवंटन की शिकायतें निगम को भी मिल रहीं हैं। लोगों ने बताया कि कुछ दिनों के लिए जब आरटीओ कार्यालय के पास बस स्टैंड शिफ्ट हुआ था तो यहां के आवास भी 1500-2000 रुपए माह के किराए पर बुक हो गए थे। हालांकि बस स्टैंड का संचालन फिर पुराने बस स्टैंड से हुआ तो किराएदार भी चले गए। आवास लेने वाले व्यक्तियों को उम्मीद है कि नया बस स्टैंड शुरू होगा तो उनके आवास भी किराए से चलने लगेंगे।
अक्टूबर में निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने छत्रसाल नगर कॉलोनी के करीब 1248 आवासों की जांच करवाई थी। निगमायुक्त ने स्वयं पहुंचकर जांच की तो कुछ निगम कर्मचारियों के नाम पर 5-5 आवास आवंटित थे, जो किराए पर चल रहे थे। वहीं 200 से अधिक अपात्र हितग्राही भी मिले थे। निगम ने इन आवासों को अपने कब्जे में लेकर हितग्राहियों के अंशदान की जमा की गई राशि भी जब्त कर ली है।
-मैनपानी आवासीय प्रोजेक्ट में भी निरीक्षण किया जाएगा। कर्मचारियों से यहां सर्वे कराएंगे। यदि यहां भी अपात्र मिले तो उनके आवंटन रद्द होंगे और राशि जब्त की जाएगी। अभी वहां निर्माण एजेंसी से बकाया कार्य भी करवाया जाना है।
-राजकुमार खत्री, निगमायुक्त।
Published on:
02 Jan 2026 08:46 pm
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