
तालाब का पानी हुआ प्रदूषित, घाट भी हुए जर्जर, नालियों का पानी जा रहा तालाब में
खुरई. शहर के एक मात्र तालाब का पानी प्रदूषित हो चुका है। नालियों के माध्यम से तालाब में गंदगी पहुंच रही है, जिसकी वजह से पानी का रंग हरा हो गया है। तालाब का ही पानी रिस-रिसकर डोहेला में पहुंचता है, जिससे वह भी प्रदूषित हो गया है।
प्रदूषित पानी बदबू भी दे रहा है। दो वर्ष पूर्व तालाब का गहरीकरण हुआ था। उस समय इसके सौंदर्यकरण की भी योजना तैयार की गई थी। शासन से राशि भी स्वीकृत हुई थी जिसमें घाटों का निर्माण, रैलिंग जैसी अन्य व्यवस्थाएं होनी थीं लेकिन स्वीकृति के बाद भी काम प्रारंभ नहीं हुआ, जिससे तालाब का सौंदर्यकरण तो अधर में लटक ही गया साथ ही साथ गहरीकरण के समय तालाब के घाट क्षतिग्रस्त हुए थे वह अब पूरी तरह से टूट चुके हैं। जिसकी वजह से तालाब में गिरने का खतरा बढ़ गया है। घाट टूटे होने की वजह से कई बार बच्चे तालाब में गिर चुके हैं जिन्हें लोगों ने सतर्कता के कारण बचा लिया। घाट की पूरी सीसी सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है। तालाब के पानी को पूर्व एसडीएम संकेत भोंडवे के समय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा लेबोरेटरी में जांच कराई जा चुकी है। जांच में इतने वेक्टेरियर पाए गए थे कि पानी को नहाने तो क्या छूने के लायक भी नहीं था। तभी स्थानीय प्रशासन द्वारा पानी के उपयोग न करने की सलाह दी गई थी। चेतावनी का बोर्ड भी लगाया गया था, लेकिन उसके बाद भी इसका कोई भी ट्रीटमेंट नहीं किया गया।
डोहेला एवं तालाब के किनारे कई मंदिर हैं। आज भी कई श्रद्धालु तालाब के पानी में स्नान कर मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं व अंजाने में ही कई चर्म रोगों का शिकार हो रहे हैं। तालाब के एक किनारे पर जहां पर पार्क बना हुआ है वहां पर वोटिंग के लिए घाट बना दिया गया था लेकिन सौंदर्यकरण का बाकी कार्य कब प्रारंभ होगा इसके बारे में नगरपालिका अध्यक्ष इंद्रकुमार राय कोई निश्चित तिथि नहीं बता पाए।
पानी की जांच कराएंगे
तालाब का पानी स्थिर है। रुके पानी के रंग में बदलाव होता है। इसका उपयोग न करने की सलाह पहले ही सबको दी जा चुकी है। नालियों का प्रदूषित पानी तालाब में न जाए इसकी व्यवस्था की जाएगी साथ ही साथ पानी की पुन: जांच कराई जाएगी।
एमसी सक्सेना, स्वास्थ्य अधिकारी नपा खुरई
Published on:
10 Mar 2019 10:00 am
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