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युवाओं ने मैदान में बिखेरा जलवा, योगा व मलखम्ब पर करतब देख खुली की खुली रह गई आंखें

खेल परिसर में पिछले एक माह से चल रहे ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को भव्यता के साथ समापन हुआ। खिलाडिय़ों ने अपने-अपने खेलों का प्रदर्शन किया। मलखम्ब व योगा के प्रदर्शन की

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सागर

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Madan Tiwari

Jun 01, 2025

- ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का समापन

सागर. खेल परिसर में पिछले एक माह से चल रहे ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को भव्यता के साथ समापन हुआ। जुम्बा डांस के बाद अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद खिलाडिय़ों ने अपने-अपने खेलों का प्रदर्शन किया। मलखम्ब व योगा के प्रदर्शन की कार्यक्रम के दौरान उपस्थित हर व्यक्ति ने प्रशंसा की। अतिथियों ने हर विधा के 2 सर्वश्रेष्ठ खिलाडिय़ों शील्ड देकर का सम्मानित किया, तो वहीं शिविर में प्रतिभागिता करने वाले सभी खिलाडिय़ों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। समापन के अतिथि एएसपी लोकेश सिन्हा, समाजसेवी वीनू राणा व जिला कुश्ती संघ के उपाध्याय नरेंद्र सोनी रहे। कार्यक्रम का संचालन मंगल सिंह यादव ने किया।

- 1669 खिलाडिय़ों ने लिया प्रशिक्षण

जिला मुख्यालय पर बास्केटबॉल, वालीबॉल, हॉकी, फुटबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स, कुश्ती, लॉन टेनिस, योगासन, खो-खो, मलखम्ब, ताईक्वांडो, कूडो, बैडमिंटन व टेबल-टेनिस को मिलाकर कुल 15 खेलों व विकासखंड मुख्यालय पर 2-2 खेलों का प्रशिक्षण दिया गया। जिला खेल अधिकारी प्रदीप अबिद्रा ने बताया कि 30 दिन चले इस ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर में सागर मुख्यालय पर 938 और जिले के 10 विकासखंड मुख्यालय पर करीब 731 खिलाडिय़ों को मिलाकर कुल 1669 खिलाडिय़ों ने सहभागिता करते हुए खेलों की बारीकियों को सीखा।

- तपस्या से पौधे का अंकुरण होता है

मुख्य अतिथि एएसपी लोकेश सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि तपस्या से ही पौधे का अंकुरण होता है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा प्रतिभाओं को निखारने का काम सराहनीय है। इससे हमारे बच्चों में खेलों के प्रति जागरूकता और उसके प्रति आकर्षण पैदा होता है। उन्होंने खिलाडिय़ों से कहा कि हमेशा मैदान से जुड़े रहने की बात कही। वहीं खेल परिसर के सभी प्रशिक्षकों व आयोजकों की प्रशंसा करते हुए बधाइयां दीं।

- सफल आयोजन में इनकी अहम भूमिक

प्रेमनेती राय, सीमा चक्रवर्ती, संगीता सिंह, श्यामलाल पाल, उमेशचंद मौर्य, नफीस खान, मिलंद देउस्कर, विशाल तोमर, शैलेंद्र यादव, नरबहादुर सिंह राजपूत, नरेंद्र सोनी, मेघा भोजक, कमलेश कोरी, वंदना तिवारी, रीमा ठाकुर, महेंद्र सिंह राजपूत, चंदन मोरे, अंजली सिंह, रंजीत बैन, विवेक सेन, रामबाबू विश्वकर्मा, हेमंत प्रजापति, बद्री प्रसाद सेन, ब्रजेंद्र कोरी, ऋषभ व शुभम आदि।