सागर. कवर्ड कॉलोनी के सूने घर से 21 मई को लाखों रुपए के जेवर, नकदी और लैपटॉप चुराने वाले गिरोह को पकड़ा है। गिरोह में नाबालिग लड़के और महिलाएं भी शामिल हैं। बदमाश नाबालिगों की मदद से चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद महिलाओं के जरिए जेवर और दूसरा सामान ठिकाने लगाते थे। गिरोह का एक बदमाश अभी भी फरार है जिसे पुलिस द्वारा तलाश किया जा रहा है।
पुलिस कंट्रोल रूम में शुक्रवार को एसपी अभिषेक तिवारी ने लाखों रुपए की चोरी की वारदात का खुलासा किया। उन्होंने बताया 21 मई को खुरई रोड स्थित कवर्ड कॉलोनी में रहने वाले प्रशांत जैन पारिवारिक कार्यक्रमों के मकरोनिया गए थे। रात करीब 1 बजे जब वे वापस लौटे तो मुख्य दरवाजे के अलावा अंदर अलमारी का ताला टूटा मिला और सामान यहां- वहां बिखरा पड़ा था। शंका के चलते इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मोतीनगर पुलिस रात में ही घटनास्थल पर पहुंची और मुआयना किया। सुबह फॉरेंसिक व फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को सुराग जुटाने बुलाकर चोरी का केस दर्ज किया गया था।
– रैकी के बाद नाबालिगों की मदद से की चोरी :
पुलिस के अनुसार पतारसी के दौरान भीतर बाजार में रहने वाले सत्यम केशरवानी (26) और सौरभ विश्वकर्मा (20) संत रविदास वार्ड के संबंध में जानकारी लगी थी। पुलिस ने दोनों के घर दबिश देकर उन्हें पकड़ा और थाने लाकर पूछताछ की तो दोनों ने संत रविदास वार्ड में ही रहने वाले अजय तिवारी (22) द्वारा तीन नाबालिगों की मदद से वारदात को अंजाम देना बताया। पूछताछ के आरोपियों द्वारा पॉश कॉलोनियों में सूने घरों की रैकी और लोगों की शंका से बचने नाबालिगों को इसमें जोडऩे की बात भी पुसि के सामने आई है। वहीं बदमाशों ने वारदात के बाद सोने- चांदी के कुछ जेवर, लैपटॉप, टैलबेट आपस में बांटने के बाद अन्य कीमती जेवर व सामान सत्यम, सौरभ और राधा व काजल के पास होने की जानकारी दी।
– नाबालिगों से पूछताछ के बाद बरामद किए चोरी गए जेवर:एसपी अभिषेक तिवारी ने बताया कि वारदात के खुलासे के लिए सीएसपी केपी सिंह की निगरानी में मोतीनगर टीआइ मानस द्विवेदी के नेतृत्व में पुलिस टीम तैयार की गई। टीम के सदस्यों ने वारदात में शामिल रहे तीन नाबालिगों से पूछताछ के बाद लगी जानकारी के आधार पर प्रशांत जैन के घर से चुराए गए जेवर व दूसरा सामान अन्य सदस्यों के घर से बरामद कर सत्यम केशरवानी, सौरभ विश्वकर्मा के अलावा राधा महेश तिवारी (39) छोटा करीला, काजल सत्यम केशरवानी भीतर बाजार से हिरासत में लिया गया। पुलिस ने नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड के आदेश पर संप्रेषण गृह पहुंचाया जबकि अन्य चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल दाखिल कराया गया है। पुलिस द्वारा वारदात के मास्टरमाइंड अजय तिवारी की तलाश की जा रही है।