
सागर. बढ़ती तकनीक के साथ साइबर ठगी के तरीके भी बदलते जर रहे हैं। अब केवल एटीएम, पासवर्ड और आपके बैंक की गोपनीय जानकारी चुराकर ठगी नहीं हो रही है, बल्कि बाजारों में लगे क्यूआर कोड से भी खतरा बढ़ गया है। साइबर ठग सार्वजनिक स्थानों पर अपना बनाया क्यूआर चस्पा करते हैं और ऑफर के लालच में लोग स्कैन करके ठगी के शिकार हो जाते हैं। विशेषज्ञों ने ऐसे किसी भी अजनबी क्यूआर कोड को स्कैन न करने की सलाह दी है।
वित्तीय मामलों के जानकारों का कहना है कि इस समय साइबर ठगी के कुछ नए मामले सामने आए हैं, जिनमें बदमाश घरों के बाहर लगे लेटर बॉक्स में ऑफर संबंधी पम्पलेट डालकर जाते हैं और लालच में आकर लोग इन क्यूआर को जैसे ही स्कैन करते हैं तो उनके साथ ठगी हो जाती है। जानकारों का कहना है कि इसके अलावा कॉलोनियों में सार्वजनिक स्थान पर लगे ऑफर संबंधी पम्पलेट के क्यूआर को स्कैन करना भी खतरे से खाली नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अज्ञात या संदिग्ध इमेल, एसएमएस या लिंक पर क्लिक न करें। फिशिंग से बचने के लिए वेबसाइट का यूआरएल चेक करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें। बैंकिंग लेनदेन के लिए सार्वजनिक या असुरक्षित नेटवर्क का उपयोग न करें। अपने मोबाइल और कंप्यूटर में एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें और इसे नियमित रूप से अपडेट करें। ऑपरेटिंग सिस्टम और ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें। अपने खाते का नियमित रूप से निरीक्षण करें, किसी भी संदिग्ध लेनदेन की तुरंत सूचना बैंक को दें।
Published on:
19 Jan 2025 12:14 pm
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